नई दिल्ली/ मणिपुर : मणिपुर में आर्थिक संकट गहराने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने राज्य सरकार के हर तरह के लेनदेन और भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. आरबीआई की असिस्टेंट मैनेजर अनिता कुमारी के हवाले से मणिपुर सरकार के साथ लेनदेन करनी वाली इम्फाल स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को लिखे एक पत्र में कहा गया कि मणिपुर सरकार ने कोटे से अधिक ओवरड्राफ्ट कैश निकाल लिया है. इसके बाद सरकार के लेनदेन पर रोक लगा दी गई है.

मुख्यमंत्री ने तत्काल बैठक बुलाई
पत्र में लिखा है ऐसी स्थिति में तत्काल प्रभाव से इम्फाल स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मणिपुर सरकार को दिए जा रहे सरकारी कैश को रोक दें. पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए गुरुवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने राज्य सरकार की सभी नियुक्तियों पर रोक लगा दी है. साथ ही मामले का जल्द से जल्द हल निकालने के लिए कैबिनेट और संबंधित बैंक अधिकारियों के साथ बैठक शुरू कर दी है. आपको बता दें कि रिजर्व बैंक के फैसले से मणिपुर के सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह भी अटक गई है. साथ ही राज्य में अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो गया हैं.

आरबीआई की तरफ से अनिश्चितकालीन रोक लगाई गई
रिजर्व बैंक की तरफ से मणिपुर सरकार के लेनदेन पर लगाई गई रोक अनिश्चितकालीन है. सरकार ने एक तिमाही में 36 दिन से ज्यादा तक ओवरड्रॉफ्ट सुविधा ली. इसके बाद आरबीआई की तरफ से स्टेट बैंक के चेयरमैन को चिट्ठी भेजी गई है. साथ ही आरबीआई ने राज्य सरकार के चेक, बिल क्लीयर नहीं करने का निर्देश भी दिया है. मणिपुर सरकार को 12 जून के बाद आरबीआई की ओर से कोई कैश निकासी सुविधा नहीं दी जाएगी.

आमतौर पर निकासी सीमा ज्यादा होने पर अलर्ट आ जाता है. लेकिन चुनाव को देखते हुए रिज़र्व बैंक ने रोक के लिए इंतजार किया. अब आरबीआई की तरफ से यह कदम उठाया गया है. आरबीआई की तरफ से लगी रोक को हटाने के लिए राज्य सरकार को वित्तीय हालत सुधारनी होगी.