मुंबई । विश्व कप करीब आता जा रहा है और भारतीय टीम प्रबंधन अभी तक केदार जाघव को लेकर संशय में है। जाधव एक बल्लेबाज होने के साथ ही जरुरत पड़ने पर सटीक गेंदबाजी भी करते हैं, ऐसे में उनकी मौजूदगी टीम के लिए विशेष रुप से लाभदायक रहेगी। वहीं प्रबंधन का कहना है कि टीम रवानगी तक वह उनकी फिटनेस को लेकर इंतजार करेंगे। टीम इंडिया के फिजियो पैट्रिक फरहत, ऑस्ट्रेलिया से लौट चुके हैं। मुंबई में उनका कैंप लगा है और वह जाधव की रिकवरी पर नजर रखे हुए हैं। अब सारी नजरें फिजियो पर हैं कि वह यह साफ करें कि क्या 34 वर्षीय यह बल्लेबाज समय रहते फिट हो पाएगा या नहीं। अनुमान है कि इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान चोटिल हुए जाधव विश्व कप में दक्षिण अफ्रीक के साथ  भारत के पहले मैच तक फिट नहीं हुए तो दूसरे मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तक जरूर फिट हो जाएंगे। उनके 5 जून को होने वाले भारत के पहले मैच तक फिट होने की भी काफी संभावनाएं हैं पर ऐसे में क्या प्रबंधन उन्हें बिना अभ्यास के उतरने का जोखिम लेगा। टीम प्रबंधन, राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के मैनेजर्स के सामने यही दुविधा है। क्या एक खिलाड़ी को सिर्फ इस संभावना के आधार पर विश्व कप ले जाना चाहिए कि वह 5 नहीं तो 9 जून तक फिट हो जाएगा। और क्या फिजियो इस बात की पूरी जिम्मेदारी लेकर टीम प्रबंधन और बीसीसीआई को आश्वस्त करेगा कि यह खिलाड़ी समय रहते खेलने के लिए फिट हो जाएगा।
मौजूदा परिस्थिति को देखकर एक बात तो साफ है कि वह टीम के दोनों अभ्यास मैचों का हिस्सा नहीं होंगे। भारत को 25 मई को न्यूजीलैंड के खिलाफ ओवल में और 28 मई को बांग्लादेश के खिलाफ रोज बाउल में अभ्यास मैच खेलने हैं। पर साथ ही सबसे मुश्किल फैसला जो टीम प्रबंधन को लेना है वह यह कि क्या वह एक ऐसे खिलाड़ी को लेकर जा सकते हैं जो रवानगी के समय पूरी तरह फिट नहीं है? भारतीय टीम 22 मई को विश्व कप के लिए रवाना हो रही है। सकारात्मक बात यह है कि जाधव की चोट गहरी नहीं है और उनके बाएं कंधे में कोई फ्रैक्चर नहीं है। और साथ ही यह उनकी गेंदबाजी या थ्रोइंग आर्म नहीं है।
बीसीसीआई की ओर से जाधव का विकल्प तलाशने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस तरह की कोई तैयारी नहीं की जा रही है और फिलहाल इसी परिस्थिति को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि जाधव 22 मई को टीम के साथ इंग्लैंड जा रहे हैं। नियमों के अनुसार बीसीसीआई 23 मई तक आईसीसी की अनुमति के बिना टीम में बदलाव कर सकती है पर फिलहाल इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है। जाधव को चेन्नै सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ चोट लगी थी। वह इसके बाद आईपीएल में नहीं खेले। जाघव आईपीएल के जितने मैचों में खेल उसमें उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा ऐसे में उन्हें बिना अभ्यास मैच खेले विश्व कप में उतरना तर्कसंगत नहीं लगता।