दिनांक 22 अप्रैल 2019 को श्री गणेश संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। आइए जानें राशि अनुसार मंत्र और प्रसाद...

मेष : ॐ वक्रतुण्डाय हुं

प्रसाद : छुआरा और गु़ड़ के लड्डू

वृष-
ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं।

प्रसाद : मिश्री, शक्कर, नारियल से बने लड्डू

मिथुन-ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतेय वर वरद् सर्वजनं मे वशमानाय स्वाहा

प्रसाद : मूंग के लड्डू, हरे फल

कर्क-
ॐ वक्रतुण्डाय हुं॥

प्रसाद : मोदक के लड्डू, मक्खन, खीर

सिंह-ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतेय वरवरदं सर्वजनं में वशमानयं स्वाहा

प्रसाद : गुड़ से बने मोदक के लड्डू व लाल फल
कन्या- ॐ गं गणपतयै नमः या ॐ श्रीं श्रियैः नमः॥

प्रसाद : हरे फल, मूंग की दाल के लड्डू व किशमिश

तुला-
ॐ ह्रीं, ग्रीं, ह्रीं गजाननाय नम:

प्रसाद :
मिश्री, लड्डू और केला

वृश्चिक- ॐ वक्रतुण्डाय हुं॥
प्रसाद : छुआरा और गु़ड़ के लड्डू

धनु- हुं गं ग्लौं हरिद्रागणपतयै वरवरद दुष्ट जनहृदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा॥

प्रसाद : मोदक व केला

मकर- ॐ लंबोदराय नमः

प्रसाद : मोदक के लड्डू, किशमिश, लड्डू
कुंभ- ॐ सर्वेश्वराय नमः


प्रसाद :
गुड़ लड्डू व मौसमी फल

मीन-

सिद्धि विनायकाय नमः

प्रसाद : बेसन के लड्डू, केला, बादाम