भोपाल । प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने बताया है कि बेमौसम बरसात, आंधी तूफान तथा बिजली गिरने की आपदा से हुई प्रदेश में हुई जनहानि पर शिवराजसिंह द्वारा सहायता राशि को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ पर किया बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना है। शिवराजसिंह ने बयान दिया है कि ‘‘मोदी जी देश के 130 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। उन पर भेदभाव का आरोप लगा कर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटिया राजनीति का परिचय दिया है। केंद्र से सहायता राशि लेने के लिये एक प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। आपदा की स्थिति में प्रदेश का मुख्य सचिव केंद्र को प्रस्ताव भेजता है, जिस पर सहायता राशि स्वीकृत होती है।’’
नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहीं भी सहायता राशि की मांग ही नहीं की है। उन्होंने तो सिर्फ संवेदनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि जिस तरह गुजरात के पीड़ितों के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संवेदनायें व्यक्त की हैं, वैसी संवेदनायें मोदी जी को मध्यप्रदेश के पीड़ित परिवारों के प्रति भी व्यक्त करना चाहिये। सलूजा ने कहा कि पता नहीं शिवराजसिंह सहायता राशि और उसकी प्रक्रिया की बात कहां से ले आये, जिसका कमलनाथ ने जिक्र ही नहीं किया। कांगे्रस सरकार ने तो इस आपदा में जान गंवाने वाले प्रत्येक पीड़ित के परिजन के लिये 4 लाख रूपये की सहायता राशि मंजूर कर आज ही भिजवा भी दी है। 
सलूजा ने कहा कि 16 अप्रैल को पूरे देश में बेमौसम बारिश, तूफान व आकाशीय बिजली गिरने से 35 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गयी थी। अकेले मध्यप्रदेश में 14 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मुख्यमंत्री कमलनाथ को रात में जैसे ही घटना की जानकारी मिली उन्होंने तत्काल राहत कार्य और मदद का काम शुरू कराया। रात में ही उन्होंने मृतक लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनायें व्यक्त कीं और कहा कि मैं और मेरी सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ है। लेकिन अगले दिन आज 17 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री का सुबह 9 बजकर 31 मिनिट पर ट्वीट आता है, जिसमें वे देश छोड़ सिर्फ गुजरात के पीड़ित परिवारों के प्रति बेमौसम बरसात के कारण मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। इसके बाद पीएमओ कार्यालय से 9 बजकर 45 और 46 मिनिट पर दो ट्वीट जारी होते हैं। उनमें भी गुजरात का जिक्र कर प्रत्येक मृतकों के लिये 2 लाख व घायलों के लिए 50 हजार की राशि स्वीकृत का जिक्र आता है। इसके बाद सुबह 10 बजकर 6 मिनिट पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का मोदी जी पर जवाबी ट्वीट आता है कि आपकी संवेदनायें गुजरात तक ही सीमित रहीं, जबकि आप पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं। मध्यप्रदेश में भी 10 से अधिक मौतें हुई हैं। 
सलूजा ने कहा कि बाद में मोदी जी नींद से जागते हैं और 17 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 2 मिनिट पर पीएमओ कार्यालय से मोदीजी का ट्वीट जारी होता है, जिसमें गुजरात के साथ मध्यप्रदेश, राजस्थान, मणिपुर सहित देश के अन्य हिस्सों में बारिश और तूफान से हुई जनहानि पर यथासंभव मदद की बात की जाती है। फिर सुबह 11 बजकर 4 मिनिट पर पुनः पीएमओ से ट्वीट जारी होता है, जिसमें गुजरात की तरह मध्यप्रदेश को देश के अन्य स्थानों पर मृतक परिवारों के लिये दो लाख और घायलों के लिये 50 हजार रूपये सहायता राशि की बात की जाती है। 
सलूजा ने कहा कि बेहतर होता कि शिवराजसिंह चौहान पहले पूरी वस्तुस्थिति और वास्तविकता की जानकारी प्राप्त कर लेते और फिर मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर गैर जिम्मेदाराना बयान देते। शिवराजसिंह की मानसिक स्थिति हम समझते हैं कि भाजपा ने उन्हें जिस स्थान पर ला पटका है उसी वजह से वे इस तरह के प्रलाप करते रहते हैं। इस मानसिक दशा पर हमारी उनके प्रति सहानुभूति है।