भोपाल। इन्दौर क्राईम ब्रांच टीम व्दारा जाली नोट बनाने वाले व धोखाधडी पूर्वक भारतीय करेंसी के नकली नोटों की बाजारों में खपत करने वाले गिरोह को दबोचने मे सफलता हासिल की है। अफसरो ने बताया की क्राईम ब्रांच इन्दौर की टीम को मुखबिर के द्वारा सूचना मिली कि आनन्द बाजार में राजेश नाम का व्यक्ति, आर.के. प्लास्टिक की दुकान पर नकली नोट छापता है, तथा उसके साथियों के माध्यम से बाजारों में खपत करता हैं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम द्वारा थाना पलासिया पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुये आनंद बाजार में स्थित आर के प्लास्टिक नामक दुकान पर पहुंचकर दविश दी जहां मौजूद 06 संदिग्ध व्यक्तियों को  पकड़ा। पकड़े गये सदेहियो से पूछताछ करने पर उनकी पहचान जितेन्द्र उर्फ लक्की पिता लक्ष्मण परदासानी उम्र-29 वर्ष निवासी-ए 29 बैरागढ भोपाल,  मुरली पिता धर्मेन्द्र अग्रवाल उम्र-21 वर्ष निवासी- गिडवानी पार्क रोड, हरीओम फर्निचर के पास, बैरागढ भोपाल,  भरत उर्फ गोलू पिता लक्ष्मण दास साधवानी उम्र-20 निवासी-हायर सेकेण्डरी बॉयज होस्टल के पास, बैरागढ, भोपाल, राजेश उर्फ राजा पिता कन्हैयालाल गंधवानी उम्र-30 वर्ष निवासी-3 आनंद नगर, आर.के. प्लास्टिक इन्दौर,  अभिषेक पिता ताराचंद भंडारी निवासी - पीपल चौक खजराना पाटीदार मोहल्ला इन्दौर ओर विजय पिता मुन्नालाल रायकवार उम्र-20 वर्ष निवासी- 216 खजरानी काकड श्रीनगर एक्सटेंशन, सोनिया गांधी नगर इन्दौर के रुप मे हुई। संदेहियो की तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से 2 हजार के 44 नोट,  5 सौ के 3 नोट, 2 सो के 5 नकली नोट, 100 के 24 व 50 के 2 नकली नोट बरामद हुए। अधिकारियोन ने आगे बताया की कुल जाली नोटों की राशि 93 हजार रूपये के साथ एच पी कम्पनी का एक कलर प्रिंटर बरामद हुआ है, जिसका उपयोग आरोपी जाली नोट बनाने में करते थे। टीम ने आरोपियों के कब्जे से जाली नोट तथा प्रिंटर बरामद कर उन्हें पुलिस हिरासत मे ले लिया जिन पर थाना पलासिया में धारा-489 (क), 489 (ख), 489 (ग), 489 (घ) के तहत मामला दर्ज कर जांच मे लिया गया। आरोपियों से की गई पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जितेन्द्र उर्फ लक्की जाली नोट बनाने वाली गिरोह का सरगना है, जो असली नोटों को कलर प्रिटंर के माध्यम से स्कैन करके जाली नोट तैयार करता था। आरोपी जितेन्द्र मूलतः भोपाल का रहने वाला हैं, जो कि बैरागढ़ भोपाल में अपने घर पर भी नकली नोट बनाता था। वह अपने परिचित राजेश के माध्यम से इंदौर में खपाने के लिये नकली नोट भेजता था। आरे इंदौर में आसानी से खपत हो जाने के कारण आरोपी जितेन्द्र, आरोपी राजेश के साथ मिलकर इंदौर में नकली नोट छापने लगा था। आरोपी जितेन्द्र उर्फ लक्की, इंदौर में आरोपी राजेश व उसके साथियों के माध्यम से नकली नोटों को बाजारों में खपाता था जबकि उसके बैरागढ़ निवासी मित्र आरोपी मुरली, भरत, के माध्यम से वह भोपाल में जाली नोटों की खपत करता था। अधिकारियो के अनुसार आरोपी से अच्छे किस्म का एच.पी. कम्पनी का कलर प्रिन्टर बरामद हुआ है, जिसके जरिये से वह भारतीय करेंसी के नोटबंदी के बाद प्रचलन में आये नये नोटों को छापता था। आरोपी 2000, 500, 200, 100 व 50 रूपये के जालीनोट तैयार करता था। आरोपी नये नोटों के कागज से मिलते जुलते अच्छे जीएसएम के कागज का उपयोग जाली नोट बनाने में करते थे, जिससे कि बाजार में उनकी खपत करना आसान हो, वही शातिर आरोपी नोट प्रिंट होने के बाद वाटरमार्क, तथा स्याही को भी फिनिशिंग देते थे, ताकि जाली नोट भी असली के समान ही दिखे। अफसरो का कहना हे की इनके द्वारा बनाये गये असली व नकली नोटों में बहुत हद तक समानता होती है जिसमें अंतर स्पष्ट कर पाना आसान नहीं होता लेकिन उनके सीरियल नम्बर कई नोटों पर एकसमान होने से उनके जाली होने की पुष्टि आसानी से की जा सकती है। अधिकारियो के अनुसार आरोपी जितेन्द्र ने बताया कि उसने पूर्व में मकान हेतु बैंक से लोन स्वीकृत कराया था, जिसको ना चुका पाने के कारण आरोपी बैंक से दिवालिया घोषित किया गया था, इसी के चलते पैसों की आवशयकता होने पर वह जाली नोट बनाने लगा था। आरोपी राजेश उर्फ राजा नकली नोट खपाने का काम करता था, जोकि इंदौर में व्यस्ततम दुकानदारों तथा पेट्रोल पंपों को निशाना बनाता था। आरोपी इंदौर में आनंद बाजार स्थित आर के प्लास्टिक नामक दुकान पर अपने मित्र आरोपी जितेन्द्र उर्फ लक्की के माध्यम ये जाली नोट छपवा रहा था इसी दौरान पुलिस टीम की गिरफ्त में आ गया। सभी आरोपी बीते एक साल से नकली नोट बनाने का कारोबार कर रहे थे जिन्होंनें विभिन्न जगहों पर लाखों रूपये के नकली नोट अब तक खपाना स्वीकार किया है। आरोपियों ने किन-किन जगहों पर जाली नोट खपाये तथा गिरोह में अन्य शामिल लोगों के संबंध में उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।