मुंबई । विश्व कप क्रिकेट से पहले कई दिग्गजों ने 30 मई से होने वाले इस सबसे बड़े मुकाले को लेकर अपनी राय रखी है। इसी कड़ी में अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने कहा है कि इंग्लैंड का गर्म मौसम विश्व कप में उपमहाद्वीप की टीमों के अनुकूल होगा हालांकि यहां कि पिचें मेजबान की सहायक होंगी। उन्होंने कहा, 'हमने भारत के खिलाफ 2000 में टेस्ट खेलना शुरू किया। पहले दिन विकेट हरा भरा था लेकिन दूसरे दिन सूख गया। बारिश नहीं हुई लेकिन नमी थी जो बाद में सूख गई।' उन्होंने कहा, 'पिछली गर्मियों की तरह मौसम रहा तो उपमहाद्वीप की टीमों को काफी फायदा होगा जबकि हरी भरी पिचें इंग्लैंड के गेंदबाजों की मदद करेंगी।' पीटरसन ने हालांकि कहा कि वेस्ट इंडीज के समान अगर गेंद स्विंग करेगी तो इंग्लैंड को मुश्किल हो सकती है। इस दिग्गज बल्लेबाज कहा, 'वेस्ट इंडीज की तरह अगर गेंद सीम और स्विंग लेती है तो मुश्किल आ सकती है।' वहीं महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने कहा है कि वेस्ट इंडीज ने अपनी धरती पर हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया है पर विश्व कप में वही टीम जीत सकती है जिसने लगातार अच्छा खेला हो।
उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से उम्मीद की किरण जगी है पर हमने घर में अच्छा खेला है। अब हमारे पास ऐसी टीम है जो घरेलू हालात को बखूबी समझती है वहीं चार महीने पहले हमारी टीम के हालात बहुत खराब थे। हमने पिछले समय में कुछ प्रगति की है। इंग्लैंड में हालांकि हमें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।' इसके अलावा श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर महेला जयवर्धने ने विश्व कप से पहले श्रीलंका क्रिकेट में किये जा रहे बदलावों पर नाराजगी जतायी है। उन्होंने कहा कि विश्व के लिए साल भर पहले टीम तय होने के साथ ही तैयारी हो जानी थी जो अब तक नहीं हुई है।