नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी को फिर से पीएम बनाने की बात कहकर विवादों में फंसे राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं. सूत्रों की माने तो चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर मामले पर संज्ञान लेने को कहा था. चुनाव आयोग की सख्ती के बाद अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस मामले की फाइल केन्द्र सरकार को भेजी दी है. कांग्रेस ने भी हमलावर होते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा गुरुवार को कहा कि इस मामले में हमने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. राष्ट्रपति से मिलकर राज्यपाल को हटाने की मांग करेंगे.

राज्यपाल कल्याण सिंह 
सुरजेवाला ने कहा कि संवैधानिक परिपाटी को निभाने के लिए कल्याण सिंह को राज्यपाल पद से हटाना जरूरी है. सूत्रों की माने तो संवैधानिक पद पर रहते हुए बीजेपी और पीएम मोदी को वोट देने की अपील करने वाले बयान पर राज्यपाल कल्याण सिंह के खिलाफ बड़ी कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. केंद्रीय चुनाव आयोग की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार को कल्याण सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है. 

चुनाव आयोग ने इस मामले को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए कल्याण सिंह के खिलाफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर शिकायत की थी. सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग के पत्र के आधार पर गुरुवार को फाइल सरकार को भेज दी है. राष्ट्रपति के इस पत्र के बाद माना जा रहा है कि कल्याण सिंह की कुर्सी जा सकती है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 
राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय को भेजे अपने पत्र में साफ कहा है कि कल्याण सिंह के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है. इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि राज्यपाल से पूछूंगा कि राज्यपाल ने किस दबाव में यह बयान दिया है.

आचार संहिता उल्लंघन 
गहलोत ने कहा था कि संवैधानिक पद पर बैठे कोई भी व्यक्ति ऐसे बयानबाजी नही कर सकते. अलीगढ़ डीएम ने अपनी रिपोर्ट में आयोग को राज्यपाल सिंह के बयान से संबंधित तमाम तथ्य दिए थे उसके आधार पर आयोग ने राज्यपाल सिंह को आचार संहिता उल्लंघन का दोषी माना और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कार्यवाही करने के लिए कहा. 

इस राजनीतिक घटनाक्रम में खास बात यह है कि राष्ट्रपति के पत्र के बाद मोदी सरकार भी असमंजस में है कि अपने ही प्रधानमंत्री की तारीफ करने और फिर से प्रधानमंत्री बनाने की अपील करने वाले राज्यपाल कल्याण सिंह को सजा कैसे दी जाए.

लेकिन सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल के खिलाफ यह कार्यवाही राजनीतिक से प्रभावित हो सकती है. हालांकि ये देखने वाली बात होगी कि मोदी सरकार कोई बीच का रास्ता निकालती है या फिर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के दोष में कुर्सी छीनेगी. गौरतलब है कि राज्यपाल कल्याण सिंह ने बीते हफ्ते 23 मार्च को अलीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा था, हर कोई चाहता है कि मोदी जीतें और ये देश के लिए जरूरी है.

उन्होंने कहा था, "हम सभी लोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं और इस नाते से हम चाहेंगे कि भाजपा विजयी हो और सब चाहेंगे कि एक बार फिर से केंद्र में मोदीजी प्रधानमंत्री बनें. सिंह ने कहा था मोदीजी का प्रधानमंत्री बनना इस देश के लिए आवश्यक है, समाज के लिए आवश्यक है. " कल्याण सिंह की ओर से मोदी को पीएम बनाने की बात कहने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए थे.