जबलपुर।  लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण का चुनाव ६ संसदीय क्षेत्रों में २९ अपै्रल को होना है। इन क्षेत्रों के जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में नहीं है वो सभी ३० मार्च तक अपना नाम जुडवा सकते हैं। यह जानकारी कलेक्ट्रेट में आयोजित पत्रवार्ता में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल कांताराव ने पत्रकारों को दी। इस मौके पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप यादव, पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) योगेश चौधरी, पुलिस महानिरीक्षक (निर्वाचन व्यय) अनंतकुमार सिंह एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छवि भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
श्री राव ने बताया कि जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों की लोकसभा की तैयारियों के संबंध में यहां बैठक आयोजित की गई थी जिसमें तीनों संभाग के संभागायुक्त, १३ जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। लोकसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो इसके लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। उन्होंने बताया कि ईवीएम और वीवीपेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और इनकी जांच भी हो चुकी है। निर्वाचन कार्य में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण हो चुका है।
मशीनें ले जाने वाले वाहनों की होगी ट्रेकिंग....
उन्होनें बताया कि जिन वाहनों से ईवीएम और वीवीपेट मतदान केन्द्रों तक पहुंचाए जाएंगे ऐसे २० हजार वाहनों की ट्रेकिंग की जाएगी। ईवीएम और वीवीपेट का पहला रेंडेमाईजिंग २८ से ३० मार्च को किया जाएगा। उसके बाद प्रत्याशी चयन के बाद पुन: क्षेत्रवार रेंडेमाईजिंग की प्रक्रिया दोहराई जाएगी। 
७० लाख रुपये में लड़ना होगा प्रत्याशी को चुनाव......
श्री राव ने बताया कि लोकसभा 
प्रत्याशी की व्यय अधिकतम सीमा ७० लाख रुपये निर्धारित है। खर्च की जाने वाले राशि पूरा ब्यौरा समय-समय पर लिया जाएगा। साथ प्रत्याशियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि वे अनुचित कृत्य न कर सकें।
१५ हजार मतदान केन्द्रों पर होगी समुचित व्यवस्था...
प्रथम चरण में जिन छह संसदीय क्षेत्रों में २९ अपै्रल को चुनाव होना है वहां मूलभूत सुविधायें जैसे रैंप, पीने का पानी, बिजली, शौचालय, फर्नीचर, धूप की स्थिति में टेंट आदि का इंतजाम किया जाएगा। इस छह संसदीय क्षेत्रों में कुल १ करोड १७ लाख ३९ हजार ०४४ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 

हेल्पलाईन नंबर १९५० पर की जा सकेगी शिकायत....
उन्होंने बताया कि निर्वाचन संबंधी पूछताछ और शिकायत दर्ज करवाने हेतु सभी जिलों में १९५० हेल्पलाईन नंबर क्रियाशील रहेगा। इसी तरह सी-विजिल पर भी शिकायत की जा सकती है। सभी जिलों संपत्ति विरुपण अधिनियम, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाती रहेगी।