नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) से पहले विपक्षी दलों ने महागठबंधन को लेकर रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है. हालांकि, महागठबंधन में अभी भी कई सारे पेंच फंसे हुए हैं. इन सबके बीच सीपीआई (एम) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय समिति ने निर्णय लिया है कि पश्चिम बंगाल की 6 लोकसभा सीटों, जिनमें से 4 पर कांग्रेस और 2 पर सीपीआई (एम) का कब्जा है. इन सीटों पर कांग्रेस और वामदल के बीच में आपसी लड़ाई नहीं होनी चाहिए.

सीताराम येचुरी ने कहा कि इन 6 सीटों पर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार को कांग्रेस और सीपीआई (एम) के साझा उम्मीदवार टक्कर देंगे. हालांकि, येचुरी के इस फॉर्मूले पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि सीपीआई (एम) के इस फॉर्मूले पर कांग्रेस हामी भर देगी. सूत्रों की मानें तो, कांग्रेस किसी भी प्रकार से लोकसभा चुनाव 2019 में कमजोर नहीं पड़ना चाहती है. कांग्रेस ने अपनी इसी रणनीति के चलते सर्वाधिक लोकसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा को महासचिव और पूर्वी यूपी का प्रभारी बनाया है.  

दरअसल, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आपस में गठबंधन कर लिया है. इस गठबंधन में दोनों ही पार्टियों ने कांग्रेस को जगह नहीं दी है. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. यूपी में पार्टी का पुराना जनाधार है.