लंदन । इन दिनों लंदन में रह रहे उद्योगपति विजय माल्या ने ट्विटर पर अपने लिए इंसाफ की मांग की। उन्होंने कहा कि डीआरटी रिकवरी ऑफिसर देश में उनकी संपत्ति जब्त कर रहे हैं। बिना न्याय के ही उन्हें अपराधी करार दे दिया गया है। विजय माल्या ने सिलसिलेवार तरीके से कई ट्वीट किए। उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा ‎कि डीआरटी रिकवरी ऑफिसर ने हाल ही में मेरे समूह की 13,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। भारतीय बैंकों को मदद के उद्देश्य से यह रकम जब्त की गई। इसके बाद भी मेरे बारे में प्रचार किया जा रहा है कि मैं बैंक का 9,000 करोड़ लेकर भाग गया हूं, जिसके कारण सार्वजनिक बैंकों को नुकसान हुआ है। न्याय कहां है और कहां है निष्पक्ष जांच? माल्या ने दावा किया कि 9,000 करोड़ की तुलना में ज्यादा रकम की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने लिखा ‎कि हर सुबह डीआरटी अधिकारियों के मेरी संपत्ति जब्त करने की खबर के साथ जगता हूं। बैंकों का दावा है कि ऋण की कुल रकम 9,000 करोड़ है और जो अभी तक रिव्यू का विषय है। यह कहां तक जाएगा और कब तक जारी रहेगा? न्याय है? माल्या ने अपने एक और ट्वीट में बैंको पर जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी संपत्ति जब्त होने के बाद भी बैंकों ने लंदन में उनसे पूछताछ का अधिकार जांच एजेंसियों को दिया है। माल्या ने कहा कि यह जनता के पैसे के दुरुपयोग का उदाहरण है।