जबलपुर। जिला उपभोक्ता फोरम क्रमांक-२ जबलपुर ने अपने समक्ष चिाराधीन एक मामले में महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुये रिलायंस लाईफ इंश्यो. कं. लिमिटेड को आदेशित किया है कि वह मृतक आशीष कुमार के वारिसान बल्लू दादे जैन को एक माह के अंदर समस्त बीमा क्लेम का भुगतान करें साथ ही मानसिक क्लेम हेतु ५ हजार रुपये एवं वाद व्यय हेतु २ हजार रुपये की राशि भी अदा करें।
परिवादी बल्लू दादे जैन द्वारा जिला उपभोक्ता फोरम खण्डपीठ क्र. २ के समक्ष मामला दायर किया गया था कि उसके छोटे भाई आशीष कुमार जैन की पानी में डूबने से मृत्यु हो गयी और मृतयु पॉलिसी अवधि में होने के कारण परिवादी द्वारा रिलायंस बीमा कम्पनी के समक्ष दावा किया गया लेकिन इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा परिवादी के दावे को इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उसके भाई द्वारा आत्महत्या की गयी और जिसके कारण पॉलिसी की शर्तों के तहत् उसका किसी भी प्रकार का कोई भी क्लेम नहीं बनता है। तत्संबंध में इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा अपनी १२ माह की अवधि काी गणना पॉलिसी ’रिवाईबल‘ दिनांक से की जा रही थी। जबकि परिवादी के अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि पॉलिसी के तहत १२ माह की अवधि की गणना मूल पॉलिसी लिये जाने की दिनांक से की जानी चाहिए तत्संबंध में शीर्ष उपभोक्ता न्यायालय के न्याय दृष्टांत भी प्रस्तुत किये गये जिसमें निष्कर्ष दिया गया था कि पॉलिसी की रिवाईबल करवाने से कोई नई संविदा गठित नहीं होती है और पॉलिसी के तहत अवधि की गणना मूल पॉलिसी जारी दिनांक से होती है, ऐसी स्थिति में १२ माह की शर्त परिवादी के मामले में प्रभावशील नहीं है और जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष के.के. त्रिपाठी एवं सदस्यगण क्रमशः अर्चना शुक्ला व योगेश अग्रवाल द्वारा परिवादी अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुये ऊपर उल्लेखित राहतकारी आदेश परिवादी के पक्ष में पारित किया गया। परिवादी की ओर से प्रकरण में पैरवी अधिवक्ता अरुण कुमार जैन एवं विक्रम जैन द्वारा की गयी।