भारत देश के बहुप्रतीक्षित मुद्दा यानि राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद अयोध्या से राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के पक्षकारो की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. राम जन्म भूमि न्यास अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने खुलासा किया कि अमित शाह से नवंबर में ही बात हुई थी. उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में केस रहते अध्यादेश लाना गलत होगा. एक बार सुप्रीम कोर्ट हां या ना कोई भी फैसला दे दे, उसके बाद अध्यादेश लाकर राम मंदिर बनाएंगे. ताकि फिर राम मंदिर के रास्ते में कोई बाधा ना आ सके.राम मंदिर निर्माण के लिए कई साधु संत और मंदिर समर्थक अध्यादेश लाकर सोमनाथ की तर्ज पर राम मंदिर बनाने की बात कर रहे थे लेकिन प्रधानमंत्री का बयान आने के बाद अब उनमे निराशा है. वहीं बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि कोई भी देश संविधान से चलता है और हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं.वहीं राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने इसे हिंदू जनमानस के साथ धोखा बताते हुए आने वाले समय में चुनाव होने पर बीजेपी को भारी नुकसान होने की बात कही है. वही विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा है कि अब हम लोगों को अगली रणनीति तय करना पड़ेगा. जिसके लिए प्रयाग में होने वाले महाकुंभ में बैठक करके इस पर विचार किया जाएगा और उस पर अमल किया जाएगा.