मानसून के दौरान लगातार बारिश, जलभराव और सड़कों पर फिसलन के कारण रोजाना बाहर जाकर वॉक या एक्सरसाइज करना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अपनी फिटनेस रूटीन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय घर के कमरे में ही कुछ मिनट योग के लिए निकाले जा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको जिम, महंगे उपकरणों या किसी बड़े स्पेस की भी जरूरत नहीं होती है। लगभग 10 मिनट का यह हल्का फुल बॉडी योग सेशन शरीर को स्ट्रेच करने, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से होने वाली जकड़न को कम करने और पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस करने में मदद कर सकता है। इसे सुबह उठने के बाद, काम के बीच ब्रेक में या शाम को आसानी से किया जा सकता है।

मानसून में योग करते समय इन बातों का रखें विशेष ख्याल

  • अभ्यास करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि फर्श पूरी तरह सूखा और फिसलन-रहित हो।

  • अपने योग सेशन की शुरुआत हमेशा हल्के वार्म-अप के साथ करें।

  • यदि आप पहली बार योग कर रहे हैं, तो किसी भी कठिन योगासन को करने की कोशिश न करें।

  • किसी पुरानी चोट या विशेष स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

  • योग के दौरान यदि दर्द, चक्कर या सांस लेने में किसी तरह की परेशानी महसूस हो, तो अभ्यास तुरंत रोक दें।

  • इस 10 मिनट के रूटीन को अपनी शारीरिक क्षमता और सुविधा के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

10 मिनट का आसान फुल बॉडी योग रूटीन

  • डीप ब्रीथिंग: आराम से सुखासन में बैठें या सीधे खड़े होकर धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें। इससे आपके योग सेशन की शुरुआत एक शांत और मानसिक रूप से स्थिर तरीके से होती है।

  • गर्दन और कंधे को रोल करें: गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं झुकाएं और कंधों को आगे-पीछे गोल घुमाते हुए रोल करें। ध्यान रखें कि किसी भी मूवमेंट में जोर या जल्दबाजी न करें।

  • कैट-काऊ स्ट्रेच: फर्श पर हाथों और घुटनों के बल आएं। सांस लेते हुए अपनी छाती को हल्का सा ऊपर उठाएं (काऊ पोज) और सांस छोड़ते हुए अपनी पीठ को ऊपर की तरफ गोल करें (कैट पोज)।

  • बालासन: अपनी एड़ियों पर बैठकर शरीर को आगे की तरफ झुकाएं और माथे को जमीन से टिकाएं। अपने दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाएं और आराम से लंबी सांसें लेते रहें।

  • अधोमुख श्वानासन: अपने हाथों और पैरों को जमीन पर टिकाते हुए शरीर को अंग्रेजी के उल्टे 'V' आकार में ऊपर उठाएं। अपने शरीर को केवल उतना ही स्ट्रेच करें जितना आपके लिए सहज हो।

  • अंजनेयासन: एक पैर को आगे लाकर घुटना मोड़ें और दूसरे पैर को पीछे की तरफ सीधा रखें। इसके बाद पैर बदलकर इसी प्रक्रिया को दोहराएं।

  • उत्तानासन: इस आसन को पादहस्तासन भी कहा जाता है। इसके अभ्यास के लिए सीधे खड़े होकर धीरे-धीरे अपनी कमर से आगे की तरफ झुकें। जरूरत पड़ने पर घुटनों को हल्का सा मोड़ सकते हैं।

  • पर्वतासन: बिल्कुल सीधे खड़े हों और अपने कंधों को एकदम रिलैक्स रखें। कुछ गहरी सांस लेते हुए अपने पूरे शरीर को स्थिर और तनावमुक्त रखें।

  • साइड स्ट्रेच: अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और शरीर को धीरे-धीरे एक बार दाएं और फिर बाएं ओर झुकाएं। इस दौरान अपनी कमर पर किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव न डालें।

  • विश्राम योग या शवासन: अपनी पीठ के बल आराम से लेट जाएं या फिर किसी सहज स्थिति में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करके सामान्य रूप से सांस लें और अपने पूरे शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दें।