राजस्थान के झुंझुनू में बकरी चराने गई स्वर्ण पदक विजेता छात्रा की कुएं में गिरने से मौत हो गई. घटना खेतड़ी उपखंड के करमाड़ी गांव की है. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शव को कुएं से बाहर निकालने में जुटे हुए है. 16 घंटे बाद भी लाश को नहीं निकाला जा सका है.
पुलिस के मुताबिक, करमाड़ी निवासी छात्रा संगीता पुत्री मदनलाल (18) शाम करीब पांच बजे बकरी चराने के लिए अपने खेत में गई थी. वह बकरियों को छोड़कर खेत में बने कुएं पर जाकर बैठ गई. इस दौरान उसका पैर फिसल जाने के कारण वह कुएं में गिर गई. इसी दौरान उसके साथ गई बच्ची ने पुरी घटना घर आकर उसके परिजनों को बताई तो परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे.

दस साल पहले पिता का हुआ था निधन

इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दी. ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही छात्रा को कुएं से निकालने का प्रयास किया. कुएं में पानी अधिक होने के कारण वह पानी में डूब गई. पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निरंजन लाल सैनी ने बताया कि छात्रा संगीता के पिता मदनलाल का करीब दस वर्ष पूर्व निधन हो गया था. परिवारिक स्थिति कमजोर होने के कारण बकरी पालन का कार्य कर अपना काम चलाते है.


सात दिन पहले जीता था स्वर्ण पदक

मृतक छात्रा संगीता तीन बहनों में सबसे छोटी थी. उसकी एक बहन मेडिकल की तैयारी कर रही और एक बहन एमएससी की पढ़ाई कर रही है. ग्रामीणों के अनुसार छात्रा संगीता पढ़ाई में काफी होशियार थी. सात दिन पहले ही आबूरोड में आयोजित राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था. आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वह बकरी पालन और ऐसे ही दूसरे कामों में परिवार की मदद करती थी.


लाश निकालने की कोशिश जारी

16 घंटे बीत जाने के बाद भी शव को कुएं से बाहर नहीं निकाला जा सका और एसडीएम शिवपाल जाट, तहसीलदार कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.