रांची। । झारखंड सरकार ने राज्यपाल के आदेश पर झारखंड राज्य कोरोना वायरस रेगुलेशन 2020 जारी कर दिया है। इसका नाम द झारखंड स्टेट इपिडेमिक डिजिज (कोविद-19) रेगुलेशन 2020 रखा गया है। यह रेगुलेशन 16 मार्च 2020 की तिथि से प्रभावी कर दिया गया है। इसके तहत अब किसी भी कोरोना वायरस के संदिग्ध व्यक्ति को जांच में पूरी तरह सहयोग करना होगा। इसके तहत उपायुक्त को अधिकार दिया गया है कि वे संदिग्ध व्यक्ति को जांच के लिए जबरन आइसोलेशन सेंटर भेज सकते हैं। अगर वह व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार उपायुक्त को दिया गया है। इस रेगुलेशन का उल्लंघन करनेवाले व्यक्ति के विरुद्ध सजा का प्रावधान भी रखा गया है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को जुर्माना या फिर छह माह की जेल या फिर दोनों (जुर्माना व जेल) हो सकती है।
रेगुलेशन के मुताबिक, कोरोना वायरस से संबंधित सैंपल की जांच कोई भी निजी प्रयोगशाला नहीं करेगा। कोरोना वायरस सैंपल की जांच सिर्फ सरकार द्वारा निर्धारित प्रयोगशाला में ही होंगे। ऐसे सभी सैंपल को एकत्रित कर सरकार द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला में ही जांच की जायेगी। इसके अलावा किसी भी प्राइवेट व सरकारी डॉक्टर, निजी अस्पताल में काम करनेवाले डॉक्टर और आयुष डॉक्टर को अब शपथ पत्र के माध्यम से बताना होगा कि उन्होंने कब और किसलिए देश में कहां-कहां भ्रमण किया है। साथ हीं वह इसका पूरा ब्योरा देंगे। ब्योरा राज्य के स्वास्थ्य विभाग के पास जमा करना है। इस रेगुलेशन के मुताबिक अब कोई भी संस्थान, संस्था, मीडिया (प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक) और सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से संबंधित तथ्यहीन या गलत मामला या अन्य कोई मामला बिना अनुमति के प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया जायेगा, ताकि लोगों के बीच भ्रम या फिर अफवाह नहीं फैले।