रायपुर।  कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रविन्द्र चौबे ने आज मंत्रालय के सभाकक्ष में आयोजित पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि विभाग द्वारा संचालित हितग्राही मूलक योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव हितग्राहियों के जीवनस्तर में परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिले, हितग्राहियों के जीवन स्तर में सुधार आये तथा हितग्राही आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो, यह प्रयास विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाना चाहिए। 
पशुधन विकास मंत्री ने पशुपालन के इच्छुक ग्रामीणों को पशुपालन संबंधी गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण एवं अद्यतन तकनीकों की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ पशुपालकों को रोजगार प्राप्ति, उनके  आर्थिक उन्नयन व जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन विभाग के विभिन्न अधिकारियों के मध्य आवश्यक समन्वय स्थापित कर कृषकों व पशुपालकों के जीवन स्तर में सुधार लाने हेतु समन्वित रूप से प्रयास किए जाएं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पशुचारा उत्पाद तैयार करने वाले उद्योगों को स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रेरित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आगामी बैठकों में विभागीय अधिकारी योजनाओं द्वारा लाभान्वित हितग्राहियों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत करें। उन्होंने बस्तर व सरगुजा संभाग में विशेष रूप से पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का लाभ मिले, यह सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।
कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री चौबे ने कहा कि राज्य में डेयरी विकास तथा पशुधन विकास के लिए अच्छी और व्यापक संभावनाएं है। उन्होंने लोगों को डेयरी विकास तथा पशुधन विकास योजनाओं से जोड़कर अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में गौठान निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए गौठानों और गौशालाओं में पशुओं के लिए पेयजल व चारे के समुचित इंतजाम के लिए भी निर्देशित किया। इसके अलावा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय राजमार्गो के किनारे जगह चिन्हांकित कर गौठान निर्माण करने भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में एक हजार 876 गौठान स्वीकृत है। इनमें से एक हजार 429 गौठान निर्माण कार्य पूर्ण तथा 440 गौठान निर्माण कार्य प्रगतिरत है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गौठान दिवस के अवसर पर एक ही दिन में 618 जगहों में गौठान निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्य सम्पन्न हुआ। गौठानों में आने वाले पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने हेतु कुल एक हजार 747 चारागाह अंतर्गत 6 हजार 416 हेक्टेयर भूमि आरक्षित किया गया है। जिसमें से एक हजार 364 चारागाह को स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत चारागाह में से एक हजार 17 चारागाह निर्माण का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेश में सभी 111 गौशालाओं का सही ढंग से संचालन हो। इनके संचालन में किसी प्रकार की शिकायत न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। श्री चौबे ने बैठक में पशुओं का टीकाकरण, बधियाकरण और कृत्रिम गर्भधान कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए समय पर लक्ष्य पूर्ति के लिए सख्त निर्देश दिए।
बैठक में पशुधन विकास विभाग के अनुदान पर नर सूकर वितरण, सूकर त्रयी वितरण, नर बकरा वितरण, बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण, उन्नत मादा वत्सपालन वितरण, सांड वितरण योजना, राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना, राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना तथा अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी, विशेष सचिव श्री मुकेश बंसल, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री सी.आर प्रसन्ना सहित पशुधन विकास विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।