बैतूल.अक्सर पुलिस (police) का नाम सुनते ही लोगों की सिट्टी पिट्टी गुम हो जाती है.लेकिन कोरोना (corona) की इस जंग में अगर कोई सबसे ज़्यादा संवेदनशील और मददगार साबित हो रहा है तो वो है पुलिस. अपने घर-परिवार से दूर ये पुलिस वाले कोरोनो से हमें बचाने के लिए ड्यूटी पर मुस्तैद हैं. वो लोगों को वायरस से बचाने के लिए सुझाव भी दे रहे हैं और उनकी मदद भी कर रहे हैं.

लोगों को लॉकडाऊन का पालन कराने के लिए बैतूल पुलिस एक अलग ही अवतार में नज़र आ रही है. यहां पुलिस का खौफ नहीं बल्कि पुलिस की गांधीगिरी सड़कों पर नजर आ रही है.यहां पुलिस डंडे के बल पर नियम का पालन नहीं करा रही, ना ही बाहर बेवजह घूम रहे लोगों से उठक बैठक लगवा रही है. बल्कि यहां सख्ती के बजाए पुलिस वाले प्यार से लोगों से पेश आ रहे हैं.वो उनकी आरती उतारकर समझा रहे हैं कि मान जाओ प्यारों. लॉक डाउन में घर से नहीं निकलो और कोरोना के वायरस से बचो.

तिलक और आरती
पुलिस के ये जवान बैतूल में सड़कों पर पूजा की थाली लेकर घूम रहे हैं. जो कोई भी उन्हें सड़क पर बेवजह घूमता दिखता है वो उसके पास जाते हैं, उन्हें गुलाब का फूल दे रहे हैं.उन्हें तिलक लगाया जा रहा है और उनकी आरती उतारी जा रही है.बार बार पुलिसवाले लोगों को समझा रहे हैं कि घर में रहेंगे तो कोरना की जंग जीत जाएंगे. बकायदा लोगों के कान के पास घंटी भी बजाई जा रही है.. .जिससे लोग सचेत हो जाएं. ये खतरे की घंटी भी है और लोगों को जगाने की भी.अगर अभी ना संभले तो देर हो जाएगी.पुलिस की इस गांधीगिरी और नए अवतार का लोगों पर असर भी नज़र आ रहा है.
कोरोना को बाय-बाय
बैतूल जिले की भैंसदेही में एक कोरोना पॉजिटीव पेशेंट मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था. इसके संक्रमण से लोगों को बचाने का एक ही उपाय है कि लोग लॉक डाउन का पालन करें और अपने घर में रहें. लोगों को सड़क पर आने से रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. इसलिए बैतूल पुलिस अनूठे तरीके से कोरोना के खिलाफ जागरूकता फैला रही है. वो कह रही है- घर में रहिए और कोरोना को बाय-बाय कहिए.