शिक्षक दिवस पर दो दिवसीय समारोह की शुरुआत आज शिक्षक संगोष्ठी से हुई। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने आईकफ आश्रम में संगोष्ठी का शुभारंभ किया। स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता कायम करने पर जोर देते हुए श्रीमती कियावत ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। शिक्षक स्कूलों में सिर्फ किताबें नही पढ़ाते, एक पीढ़ी का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हमारे प्रदेश और समाज के भविष्य हैं। हम उन्हें इस काबिल बनायें कि वे बेहतर समाज की रचना कर सकें।

संगोष्ठी में शिक्षा की गुणवत्ता के लिये संचालित दक्षता उन्नयन कार्यक्रम, कॉपी चैंकिंग और वॉल ऑफ फेम योजना पर आधारित प्रस्तुतीकरण भी हुआ। संगोष्ठी में सभी ज़िलों से एक-एक महिला और एक-एक पुरुष शिक्षकों की सहभागिता रही। सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को 6 सितम्बर को समारोह में सम्मानित किया जायेगा।

राज्य शिक्षा केन्द्र में ''इंडिया गेट्स रीडिंग'' कार्यक्रम में शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों द्वारा बाल साहित्य का वाचन किया गया। रुम टू रीड संस्था रीडिंग हेबीट्स को बढ़ावा देने के लिये अभियान चला रही है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्रीमती आईरिन सिंथिया जेपी ने भोपाल की श्रम बस्ती दुर्गा नगर में रीडिंग हेबीट्स को बढ़ावा देने के लिये 'किताबी मस्ती' बाल पुस्तकालय संचालित करने वाली नन्हीं लायब्रेरियन कु. मुस्कान अहिरवार को बाल साहित्य की 125 पुस्तकें भेंट की।

शिक्षकों के प्रति आदर भाव प्रकट करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने एक विशेष फेसबुक पेज ''शेपर्स ऑफ द फ्यूचर'' का आज प्रारंभ किया। यह फेसबुक पेज शिक्षक केन्द्रित होगा।