मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 'विश्व अंगदान दिवस' के अवसर पर नागरिकों से अंगदान के महत्व को समझते हुए अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों को भी इसके बारे में जागरूक करने की अपील की है। उन्होने कहा कि अंगदान से जीवनदान संभव है। श्री कमल नाथ ने लोगों से अंगदान करने के लिए अपना पंजीयन कराने का आग्रह किया है।

श्री कमल नाथ ने जनता के नाम जारी अपील में कहा है कि अंगदान का निर्णय सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि कई परिवारों को जीवन एवं खुशियाँ दे सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि अंगदान के प्रति जागरूक होकर जरूरतमंद लोगों के जीवन को बचाने में आगे आयें।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने बताया कि राज्य सरकार ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिये 'मानव अंगों का प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994' लागू किया है। राज्य स्तरीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्था (SOTTO) का गठन कर जीवन रहते और जीवन के बाद अंगदान को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं रीवा स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। श्री नाथ ने कहा कि ऐसे सभी निजी चिकित्सालयों एवं सामाजिक संगठनों को भी बढ़ावा दिया जायेगा, जो मानवता के हित में अंगदान के लिये कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हर साल करीब 1.8 लाख लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित होते हैं लेकिन केवल छह हजार लोगों को ही किडनी मिल पाती है। इसी प्रकार देश में हर साल दो लाख लोगों की लीवर की बीमारी से या लीवर कैंसर से मृत्यु हो जाती है। इनमें से लगभग 25 से 30 हजार लोगों का यदि समय पर लीवर प्रत्यारोपण हो जाये तो उन्हें नया जीवन मिल सकता है। उन्होने कहा कि आम लोगों में जागरूकता आने से अंगदान से जीवनदान देने में मदद मिलेगी।