कोरबा । उपचार के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को अब पर्ची लाने की जरूरत नहीं होगी। जिला अस्पताल में हर मरीज का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा।  चिकित्सक भी दवाईयां की पर्चियां कागज की जगह कंप्युटर पर दर्ज करेंगे। अस्पताल में मिली दवाईयां यहां तक की रिफर मरीज का भी पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। जिससे अगर कोई मरीज कई माह बाद भी उपचार के लिए पहुंचे तो पूर्व के मर्ज की जानकारी चिकित्सक को तत्काल मिल सके। जिला कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने इस बाबत साप्टवेयर तैयार करने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए है। इस नई व्यवस्था के बाद जिला अस्पताल कोरबा अपनी तरह का प्रदेश में पहला शासकीय जिला अस्पताल होगा जहां इस तरह की व्यवस्था होगी। 
शनिवार की सुबह कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल इंदिरा गांधी जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। यहां की परंपरागत व्यवस्था का जायजा लेने के बाद कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जिला अस्पताल कोरबा को मॉडल के रूप में विकसीत करते आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाये। उन्होने निर्देश दिए कि साफ्टवेयर के माध्यम से अस्पताल में पूरे मरीजों का रिकार्ड रखा जा सके। हस्तलिखित दवा पर्ची व उपचार की व्यवस्था को दूर करते यहां कम्प्युटरीकृत रिकार्ड उपलब्ध कराया जाये। दरअसल कई बार उपचार कराने के बाद मरीज उस पर्ची को खो देते है दूबारा अस्पताल आने के बाद मरीज चिकित्सक को पूर्व में किए गए उपचार के संबंध में नहीं बता पाते इसी समस्या को ध्यान में रखते कलेक्टर ने कंप्युटर में रिकार्ड दर्ज करते कहा ताकि किसी भी मरीज का बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) व आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) का केवल पंजीयन नंबर दर्ज करने पर ही उसका पूरा रिकार्ड सामने आ जाया करेगा। इस कार्य के लिए खनिज न्यास व जीवनदीप समिति से फंड दिया जाएगा। इसके अलावा आपातकाल के समय मरीज व चिकित्सकों को आवष्यक सूचना देने सेंटर माइकिंग सिस्टम लगाने के निर्देष दिए है।
ट्रामा सेंटर की सुविधा शुरू होगी जल्द
जिला अस्पताल कोरबा में जल्द ही गंभीर बीमारी से जुझते मरीजों को ट्रामा केयर की सुविधा उपलब्ध होगी। दुर्घटना व अन्य मामलों में गंभीर होकर अस्पताल पहुंचने वाले घायलों के उपचार के लिए विशेषज्ञों की सर्मपित एक टीम उपलब्ध रहेगी। कलेक्टर ने इस बाबत अस्पताल प्रबंधन को एक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश दिए है। साथ ही आवश्यक उपकरणों की जल्द आपूर्ति कराने कहा है इस बाबत जिला प्रशासन से हर संभव मदद देने की बात कलेक्टर ने कही है। 
अनुपस्थित चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टॉफ का कटेगा वेतन
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ सुबह के 11 बजे तक नदारद थे। लिहाजा कलेक्टर ने सिविल सर्जन को सभी अनुपस्थित स्टॉफ व चिकित्सकों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए है। इसके अलावा कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता बरतने व मरीजों को को ज्यादा समय इंतजार न कराने के निर्देश दिए है। 
बालाजी ट्रामा सेंटर का किया औचक निरीक्षण
कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने इस दौरान बालाज सुपर स्पेश्यालिट हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने ट्रामा यूनिट अलग से स्थापित करने के साथ मरीजां के साथ संयमित व सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने के निर्देश स्थानीय प्रबंधक को दिए। कलेक्टर ने प्रबंधन सहित चिकित्सकों के भी नियमित उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज करने को कहा उन्होने ट्रामा सेंटर में की जाने वाली जांचों के शुल्क व ट्रामा सेंटर में होने वाले इलाज के बारे में भी मरीजों से जानकारी ली