नई दिल्‍ली : दक्षिण के राज्‍यों में बारिश का कहर जारी है. महाराष्‍ट्र के साथ ही केरल और कर्नाट‍क में भी भारी बारिश जारी है. मॉनसून की इस बारिश से केरल और कर्नाटक के कई हिस्‍सों में बाढ़ के हालात बन गए हैं. इन इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और उन तक मदद पहुंचाने के लिए सेना को लगाया गया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार कर्नाटक में बाढ़ के कारण अब तक 9 लोगों की मौत हुई है. राज्‍य में बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 16,875 लोगों और 3010 जानवरों को 272 राहत कैंपों में पहुंचाया गया है.
केरल के वायनाड के पुथुमाला में बारिश के कारण हुए भू-खलन के कारण कई लोग फंस गए थे. इनमें फंसे 54 लोगों को एनडीआरएफ की टीम में रेस्‍क्‍यू किया है. अब तक करीब 100 लोगों को रेस्‍क्‍यू किया जा चुका है. 
महाराष्‍ट्र के कोल्हापूर शहर भारी बारिश के कारण हालात खराब हैं. पिछले 24 घंटों में कोल्हापुर की पंचगंगा नदी में पानी घटा है. अब भी साढ़े तीन फीट पानी है.अब भी कुछ गांव, संपर्क में नहीं हैं. उनसे संपर्क कटा हुआ है. हजारों की संख्या में गांव अब भी डुबे हुए हैं. NH4- यानी पुणे- बेंगलुरु हाईवे पर अब भी चार फीट पानी जमा है. नेवी और एनडीआरएफ की टीम लगातार बचाव और राहत कार्य मे लगी हुई हैं.
भारी बारिश के कारण केरल के एर्नाकुलम जिलेे के गांवों के घरों में पानी भर गया है.  
रेलवे पीआरओ के मुताबिक कर्नाटक के बीजापुर और गडग के बीच सभी स्‍टेशनों पर सभी ट्रेनों को रोक दिया गया है. ऐसा वहां फंसे यात्रियों को निकालने के लिए किया गया है.  इस संबंध में सभी स्‍टेशनों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इसके साथ ही महाराष्‍ट्र की ओर से कृष्‍णा और भीमा नदियों में बांध के जरिये अधिक पानी छोड़े जाने की आशंका है. इससे बीजापुर और बागलकोट अधिक प्रभावित होंगे. 
नौसेना की 12 टीमों को सड़क के रास्‍ते कोल्‍हापुर और सांगली भेजा गया.
भारी बारिश के कारण महाराष्‍ट्र में भी बाढ़ के हालात हैं. रक्षा विभाग के पीआरओ के मुताबिक कोल्‍हापुर और सांगली में लोगों का सुरक्षित स्‍थान पर पहुंचाने का काम जारी है. गुरुवार रात को खराब मौसम के कारण लोगों को एयरलिफ्ट करने का काम रोक दिया गया था. ऐसे में लोगों को बचाने के लिए रात में ही नौसेना की 12 टीमों को सांगली और कोल्‍हापुर रवाना किया गया है. सांगली तक रास्‍ते में पुलिस की ओर से ग्रीन कॉरीडोर भी बनाया गया.
कर्नाटक राज्‍य सड़क परिवहन निगम के अनुसार मैसुरु से मदिकेरी और मैसुरु से एचडी कोटे रोड की सड़क को भारी बारिश के कारण बंद कर दिया गया है. 
महाराष्ट्र के सतारा, सांगली, कोल्हापुर, पुणे, सोलापुर जिले में भारी बारिश के चलते बाढ़ से डूबे हुए हैं. बाढ़ का प्रकोप इतना है कि इन जिलों का संपर्क आसपास के सभी शहरों से लगभग टूट चूका है. ऐसे में बाढ़ के चलते ना सिर्फ इन जिलों में बल्कि आसपास के मुख्य शहर पर भी बाढ़ का असर देखने मिल रहा है. रोजाना मुंबई में इन जिलों से 13 लाख लीटर से अधिक दूध की सप्लाई होती है. लेकिन बाढ़ के कारण यह सप्लाई आधी यानि लगभग 50 फीसदी रह गई है यानि मात्र 6-7लाख लीटर. कई बड़ी डेरी जैसे गोकुल, महानंदा, मदर डेरी में दूध सप्लाई में भारी कमी देखी गई है, कई बड़े-बड़े दूध वाहन डेरी के बाहर लम्बी कतारों में कई दिनों से बिना दूध के खड़े हैं. दूध की कमी के चलते ना सिर्फ डिस्ट्रीब्यूटर्स बल्कि आम जनता भी दूध जैसी रोजमरा जरूरत की कमी से परेशान है,  मुंबई मे भी दूध की सप्‍लाई पहले की अपेक्षा कम हो गई है. (इनपुट नीलेश शुक्‍ला)
केरल के बाढ़ग्रस्‍त इलाकों से अग तक 22 हजार लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया है.
कर्नाटक के बेलगाम, बागलकोट, रायचुर और महाराष्‍ट्र के रायगढ़, कोल्‍हापुर व सांगली में बाढ़ प्रभावित लोगों को बचाने और उन तक राहत पहुंचाने के लिए सेना के करीब 1 हजार जवानों को लगाया गया है. महाराष्‍ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1500 लोगों और कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 3500 लोगों को सुरक्षित स्‍थान पर पहुंचा दिया गया है. 
केरल में भारी बारिश के कारण कोच्चि एयरपोर्ट का संचालन 11 अगस्‍त दोपहर 3 बजे तक बंद कर दिया गया है. केरल सरकार ने शुक्रवार को राज्‍य के सभी स्‍कूलों को बंद कर दिया है. केरल राज्‍य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के अनुसार राज्‍य में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 14 जिलों में 315 राहत कैंप बनाए गए हैं. साथ ही अब तक 22,165 लोगों को सुरक्षित स्‍थान तक पहुंचाया गया है. राहत और बचाव का काम महाराष्‍ट्र, केरल और कर्नाटक में जारी है.