रायपुर। जशपुर जिले के विकासखण्ड फरसाबहार के ग्राम पंचायत कोल्हेनझरिया के आश्रित ग्राम औरीजोर के किसान रामेश्वर साय का जीवन खेती में ही गुजरता आया है। 72 साल के रामेश्वर साय ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह साल दर साल कर्ज में डूबता जायेगा और एक दिन कर्ज की राशि इतनी अधिक हो जायेगी कि उसे कर्ज से मुक्ति पाना आसान नही हो पायेगा। खेतों में ठीक से फसल उत्पादन नही होने से वह ऋण चुका पाने में असमर्थ हो गया। मौसम की बेरुखी के बीच लगातार फसल बर्बाद हो गई। नतीजा यह हुआ कि खेती किसानी के लिए ली गई ऋण की राशि बढ़ती चली गई। कर्ज में इजाफा होने से रामेश्वर के चेहरे पर उदासी स्वाभाविक थी। रामेश्वर ही नहीं उनकी पत्नी श्रीमती दमयन्ती बाई और घर के अन्य सदस्य भी चिंताग्रस्त थे। ऋण राशि 6 लाख 37 हजार 980 रूपये सुनकर सब तनाव में डूब जाते थे। ऐसे में ऐन वक्त पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में कर्जमाफी के निर्णय ने जशपुर जिले के फरसाबहार ब्लाक के ग्राम औरीजोर के किसान रामेश्वर साय और परिजनों के चेहरे से उदासी तो हटाया ही, पूरा कर्ज माफ होने के साथ मिले कृषक ऋण माफी के प्रमाण पत्र ने चेहरे पर मुस्कान ला दिया है। 
जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत कोल्हेनझरिया के आश्रित ग्राम औरीजोर की पहचान गांव के किसान रामेश्वर साय से होती है। लगभग 108 एकड़ खेतों का मालिक होने के बावजूद पिछले कुछ वर्षां से क्षेत्र में बारिश नहीं होने से खेती किसानी के लिये रामेश्वर साय ने जो कर्ज लिया था उसे समय पर जमा ही नहीं कर पाया। किसान ने बताया कि उसका कर्ज 6 लाख 37 हजार रूपये से अधिक हो गया था। इतनी अधिक राशि कर्ज होने की पीड़ा सदैव सताती थी। वह चैन की नींद भी नहीं सो पाता था। खेती किसानी का कार्य भी बोझ सा लगने लगा था। गांव सहित आसपास क्षेत्र के लोग भी जानने लगे थे। उसने बताया कि किसान मेहनती होता है और अपने परिश्रम से फसल उगाता है। अपने उपर कर्ज का भार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाता, चूंकि किसानों की पीड़ा किसान ही समझ सकता है, ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किसानों का कर्ज माफ करके एक बड़ा कदम उठाया। किसान रामेश्वर साय ने बताया कि उसे कुनकुरी में जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कृषक ऋणमाफी का प्रमाण पत्र दिया तो उसे बहुत गर्व की अनुभूति हुई, उसने मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया। उसने बताया कि कर्जमाफ होने पर उसे सम्हलने का मौका मिला। अब चिंतामुक्त होकर खेती कार्य कर रहा है। सरकार के प्रति भी विश्वास बढ़ गया। किसान रामेश्वर साय की पत्नी श्रीमती दमयन्ती साय ने बताया कि पहले तो यकीन नहीं हो रहा था कि पूरा ऋण सचमुच माफ कर दिया जायेगा। जब मुख्यमंत्री के हाथों उसके पति को ऋण माफी का प्रमाण पत्र मिला तो सरकार पर और भरोसा बढ़ गया। सरकार ने जो वादा किया उसे निभाया, यह हम सभी के लिये खुशी की बात है।