कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसका इलाज बेहद ही मुश्किल और दर्दनाक है। कई तरह के कैंसर ऐसे भी होते हैं, जिनका कोई इलाज ही नहीं होता। इसीलिए शुरुआत में ही इसके लक्ष्णों को पहचानकर अगर हम डॉक्टर के पास जायें तो कैंसर की रोकथाम की जा सकती है। इसके लिए आपको थोड़ा सतर्क और जागरुक रहना पड़ेगा। अगर आपको कोई भी दिक्कत बार-बार होती है, तो इसे हल्के से नहीं लेते हुए अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें। ये हैं कैंसर की शुरुआत भी हो सकती है। 
अगर आपको अक्सर सांस लेने में दिक्कत होती है और सांस लेते वक्त आवाज़ भी सुनाई देती है, तो यह फेफडे के कैंसर की शुरुआत के संकेत हो सकते हैं। 
सीने में दर्द और लंबी खांसी
कैंसर के कई मरीज़ बाजू और सीने में दर्द की शिकायत करते हैं। ये ट्यूमर और रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया) का संकेत हो सकता है।
बार-बार संक्रमण और बुखार
ल्यूकेमिया के शुरुआती दिनों में मरीज़ को बार-बार संक्रमण होने के साथ ही बुखार होता है। ऐसा इसीलिए, क्योंकि शरीर में सफेद रक्त कणों की गिनती सामान्य नहीं रहती। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी प्रभावित होती है ऐसे में बुखार और संक्रमण बार -बार होने लगता है। 
गले का कैंसर होने पर मरीज़ को खाना निगलने में दिक्कत होती है।
बांहों के नीचे या गर्दन पर सूजन
लिम्फ नोड्स बीन्स की शेप में ग्लैंड्स होते हैं। कैंसर के शुरू होने पर यह सूज सकते हैं और अंडरआर्म के नीचे या गर्दन पर देखे जा सकते हैं। 
चोट लगना और खून निकलना
ल्यूकेमिया के कारण लाल रक्त कण और प्लेटलेट्स में बदलाव हो सकता है, जिससे रक्त स्राव (ब्लीडिंग) का भी खतरा बढ़ जाता है।
हमेशा थकान रहना
जब शरीर ज़रूरत से ज़्यादा काम करता है, तब तो थकान होती ही है, पर थकान का हमेशा रहना भी कैंसर का संकेत हो सकता है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द
कैंसर की शुरुआत में पेट के निचले हिस्से में दर्द रहता है और पेट फूला-फूला भी रहता है। यह ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है।
पेट का फूलना और वज़न बढ़ना
अगर आपका पेट अक्सर फूला रहता है और आप बिना किसी वजह के फूलते जा रहे हो, तो यह भी ओवेरियन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
कैंसर की शुरुआत में पीठ के निचले हिस्से में अक्सर दर्द रहता है। यह ब्रेस्ट ट्यूमर का भी लक्षण हो सकता है या लिवर कैंसर का भी। इसीलिए, अगर आपको अक्सर इस जगह दर्द रहती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।