महिला पहलवान साक्षी मलिक पिछले कुछ समय से उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पायी हैं और अब उनकी नजरें 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक पर लगीं हैं। साक्षी ने कहा कि मुझे पहले कजाखिस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेना है और मैं इसी चैंपियनशिप से ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना चाहूंगी। इसके बाद मेरे पास पूरे एक साल का समय अपनी तैयारी के लिए रहेगा और मुझे भरोसा है कि मैं टोक्यो में पदक जीतूंगी और पदक का रंग भी बदलूंगी।
साक्षी ने 2016 के रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। साक्षी ने कहा कि मैंने अपने खेल और कमियों पर मजबूती से काम करना शुरू कर दिया है। मैं इस बात पर पूरा ध्यान दे रही हूं कि मैं पीछे कहां गलती करती थी और मुकाबले हार जाती थी। दरअसल मेरा खेल आक्रामक रणनीति पर टिका हुआ है लेकिन पिछले कुछ समय में मैंने यह गलती की थी कि बढ़त बनाने के बाद मैं रक्षात्मक हो जाती थी और अंत में विरोध को अंक मिल जाते थे। 
साक्षी ने कहा कि मैंने इस रणनीति को अब पूरी तरह बदल दिया है। मेरा लक्ष्य रहेगा कि मैं पूरे मैच में ही आक्रामक अंदाज में खेलूं चाहे फिर मेरे पास बढ़त क्यों न हो। यदि मैं पूरे छह मिनट आक्रामक अंदाज में खेलती हूं तो मैं किसी भी विपक्षी पहलवान को हरा सकती हूं। 
राष्ट्रमंडल खेलों का बहिष्कार करने के पक्ष में नहीं 
ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की राष्ट्रमंडल खेल 2022 का बहिष्कार करने की अपील से सहमत नहीं हैं हालांकि साक्षी का मानना है कि इन खेलों से निशानेबाजी को हटाना गलत है। इससे पहले आईओए ने निशानेबाजी को हटाये जाने के कारण पिछले सप्ताह बर्मिंघम में 2022 में होने वाले ओलंपिक खेलों का बहिष्कार करने का प्रस्ताव रखा था और इस पर सरकार की अनुमति मांगी थी। साक्षी ने कहा, ‘‘हम यह नहीं कहें कि हम इन खेलों का बहिष्कार करेंगे लेकिन मुझे अब भी उम्मीद है कि निशानेबाजी को इसमें शामिल किया जाएगा और हम सभी बर्मिंघम जाएंगे।’’ इसके साथ ही साक्षी ने निशानेबाजी को खेलों में शामिल करवाने के लिये आईओए के आक्रामक रवैये का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा, ‘‘आईओए जो भी फैसला करने की योजना बना रहा है वह सही है क्योंकि जो भी खेल बाहर किया गया यह उसके खिलाड़ियों के साथ अन्याय है। हमारे निशानेबाज ढेर सारे पदक लेकर आते हैं और मैं इसे संपूर्ण दल के रूप में देखती हूं और अगर एक खेल भी प्रभावित होता है तो यह गलत है।