मुरैना जिले की ग्राम पंचायत जखौदा के ग्राम खटानेकेपुरा में अब कुएँ और हैण्ड-पम्प नहीं सूखते। जिला पंचायत ने मनरेगा वाटरशेड योजना में गाँव की बंजर भूमि पर 14 लाख रुपये की लागत से 179.46 मीटर क्षेत्र में तालाब का निर्माण करवाकर वाटर लेवल की समस्या को समाप्त कर दिया है।

तालाब बनने से गाँव में साल भर पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता है। कुएँ और हैण्ड-पम्प का वाटर लेवल भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने तालाब के आसपास पौधे लगाये, जो अब वृक्ष बन गये हैं। इससे भूमि का कटाव रूक गया है। गाँव में पानी की समस्या का स्थायी समाधान होने से किसानों ने सब्जियों की खेती शुरू कर दी है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

ग्रामवासी जितेन्द्र सिंह, गब्बर, आशाराम, गजेन्द्र और अशोक के मुताबिक तालाब बनने के पहले जल स्तर बहुत तेजी से नीचे चला गया था। गर्मियों में पशुओं के लिये भी पानी उपलब्ध नहीं था। इस कारण किसान अपने पशुओं के साथ पलायन करने लगे थे।

गाँव में तालाब बनने के बाद किसान 30-30 बीघा में सरसों, चना और गेहूँ की फसल ले रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है। अब ग्रामीण पलायन नहीं करते।