एक ही माह में पांचवां स्वर्ण पदक जीतने वाली गोल्डन गर्ल हिमा दास की एंडोर्समेंट फीस दोगुनी हो गई है। हिमा का प्रतिनिधित्व करने वाली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फर्म आईओएस के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरव तोमर ने कहा, ‘पिछले तीन सप्ताह में लगातार शानदार प्रदर्शन करने की वजह से हिमा की ब्रैंड वैल्यू दोगुनी हो गई है। ब्रैंड एंडोर्समेंट का सीधा जुड़ाव प्रदर्शन और सेलिब्रिटी के नजर आने से जुड़ा होता है। उनकी दुनियाभर में सभी प्लेटफॉर्म पर चर्चा हो रही है।’ 19 वर्षीय तेज धावक हिमा की फीस एक ब्रैंड के लिए सालाना 30-35 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 60 लाख रुपये सालाना पहुंच गई है। नीरव ने कहा कि आईओएस अब हिमा के लिए वॉच ब्रैंड, टायर, एनर्जी ड्रिंक ब्रैंड, कुकिंग ऑयल और फूड जैसी कैटेगरी के ब्रैंड से नये करार के लिए बात कर रहा है। बहरहाल हिमा के मौजूदा एंडोर्समेंट में एडिडास स्पोर्ट्सवियर, एसबीआई, इडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉर्थ-ईस्ट की सीमेंट ब्रैंड स्टार सीमेंट शामिल हैं। 
बिजनेस और मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट लॉयड मैथायस मैथायस का कहना है, ‘ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर हिमा की हालिया सफलताएं असाधारण हैं। वह अगले साल होने वाले ओलिंपिक में और भी ज्यादा सफलता के लिए तैयार हैं। क्रिकेट के अलावा दूसरे खेल के खिलाड़ियों को भी क्रिकेटरों की तरह सम्मान और स्पॉन्सरशिप मिलनी चाहिए।’ तोमर ने कहा, ‘चार शीर्ष क्रिकेटरों को छोड़कर ब्रैंड्स बड़े पैमाने पर नॉन-क्रिकेट स्पोर्ट्स को नोटिस कर रहे हैं। उन्हें अच्छी कीमत मिलती है और वे ब्रैंड्स को उनके निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं।’ 
हिमा के जीवन से जुड़ी 10 बातें
हिमा दास का जन्म 09 जनवरी 2000 असम के नगांव जिले के धिंग गांव में हुआ था। 
हिमा अभी सिर्फ 19 साल की हैं।
हिमा एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता चावल की खेती करते हैं। 
हिमा दास स्कूल के समय में लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं और एक स्ट्राइकर के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थीं। वह अपना कैरियर फुटबॉल में देख रही थीं और भारत के लिए खेलने की उम्मीद कर रही थीं।
हिमा ने जवाहर नवोदय विद्यालय के शारीरिक शिक्षक शमशुल हक की सलाह पर उन्होंने दौड़ना शुरू किया।
उन्‍होंने 3 साल पहले ही रेसिंग ट्रैक पर कदम रखा था। उनके पास पैसों की कमी थी, लेकिन कोच ने उन्हें ट्रेन कर मुकाम हासिल करने में मदद की।
हिमा के कोच निपोन ने उन्हें अंतर-जिला प्रतियोगिता के दौरान देखते हुए कहा कि हिमा ने सबसे सस्ते स्पाइक्स पहन रखे हैं और इसके बावजूद भी वह 100 मीटर और 200 मीटर की दौड़ में स्वर्ण जीत जाती हैं, वह हवा की तरह दौड़ रही थी, अपने संपूर्ण जीवन में मैंने इतनी कम उम्र में ऐसी प्रतिभा नहीं देखी।
निपोन ने हिमा पर गांव से 140 किमी दूर गुवाहाटी में स्थानांतरित होने के लिए दबाव डाला और उसे आश्वस्त किया कि उनके पास एथलेटिक्स में सुनहरा भविष्य है।
हिमा दास का निजी सर्वश्रेष्ठ समय 50.79 सेकंड है, जो उन्होंने पिछले साल हुए एशियाई खेल के दौरान हासिल किया था।
चेक गणराज्य में आयोजित क्लाड्नो एथलेटिक्स में भाग लेने पहुंचीं हिमा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में राज्य में बाढ़ के लिए अपना आधा वेतन दान कर दिया।