नई दिल्ली । भारतीय दिग्गज पहलवान बजरंग पूनिया का पूरा जोर कजाखस्तान में 14 से 22 सिंतबर तक आयोजित होने वाले कुश्ती विश्व चैम्पियनशिप पर केंद्रित है और वे इसके द्वारा ओलंपिक का टिकट हासिल करना चाहते है। यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में चयन ट्रायल में मौजूदा राष्ट्रीय चैम्पियन हरफूल सिंह को शिकस्त देने के बाद बजरंग ने भाषा से बातचीत में कहा कि देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते जिसके लिए विश्व चैम्पियनशिप पहला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है। ट्रायल्स में यह बजरंग के दबदबे का असर था कि उन्हें चुनौती देने के लिए हरफूल के अलावा दूसरे पहलवानों ने खुद को अलग रखा। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, ‘मेरी पूरी कोशिश होगी कि पहले टूर्नामेंट से ही ओलंपिक का टिकट हासिल कर सकूं क्योंकि इससे मुझे बेहतर तैयारी के लिए एक साल से अधिक का समय मिलेगा। जिसमें मैं अपनी खामियों को दूर कर सकूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘बेहतर तैयारियों के लिए मेरी योजना रूस जाने की है लेकिन उससे पहले मुझे बेलारूस और जार्जिया में होने वाले टूर्नामेंटों में भाग लेना है।’ बजरंग का ध्यान इस दौरान चोट से बचने पर भी है। पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में हार का सामना करने के बाद हर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जीत दर्ज करने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, ‘खिलाड़ी के लिए चोट से बचे रहना जरूरी है। मेरा ध्यान चोट से बचकर अच्छा प्रशिक्षण लेने पर है।’ हाल के दिनों में यासर दोगू अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट सहित कई दूसरे टूर्नामेंटों में भाग नहीं लेने के बारे में पूछे जाने पर बजरंग ने कहा कि वह 70 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करना चाहते थे लेकिन देर से नाम भेजे जाने के कारण वह इसमें भाग नहीं ले सके। विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज इस पहलवान ने कहा, ‘मैंने एशिया चैम्पियनशिप सहित दस दिनों में तीन टूर्नामेंटों में भाग लिया था। यासर दोगू में 70 किग्रा भारवर्ग में भाग लेना चाहता था क्योंकि मुझे 65 किग्रा भारवर्ग में खेलने का कोई फायदा नहीं दिख रहा था। पहले से ही इसमें मेरी रैंकिंग एक है और कुछ हासिल नहीं होता।’ इस साल पद्मश्री सम्मान पाने वाले बजरंग ने बताया, ‘यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने नया नियम बनाया है जिसमें रैंकिंग टूर्नामेंट के भारवर्ग में बदलाव के लिए आपको दस दिन पहले सूचना देनी होती है और मुझे इस बारे में पता नहीं था। महासंघ ने भी इसके लिए कोशिश की लेकिन यह हो नहीं सका।’ विश्व चैम्पियनशिप में मिलने वाली चुनौती के बारे में पूछे जाने पर बजरंग ने कहा, ‘हर खिलाड़ी वहां अपने देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ आयेगा। वहां कोई भी प्रतिद्वंद्वी कमजोर नहीं होगा , ऐसे में मैंने किसी एक या दो खिलाड़ी के लिए योजना नहीं बनाई है। मेरी कोशिश यही होगी की सबके खिलाफ सर्वश्रेष्ठ करूं।’