मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में दुष्कर्म के आरोप में फंसे विदिशा के जिला महामंत्री व बीजेपी नेता उपेंद्र धाकड़ को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस वीपीएस चौहान की एकलपीठ ने धाकड़ की अर्जी खारिज को करते हुए कहा है कि आरोप गंभीर हैं, इसलिए जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता. हालांकि बीजेपी नेता उपेन्द्र धाकड़ फरार हैं, जिसके बारे में जानकारी देने वाले को पुलिस ने 10 हजार रुपए देने का इनाम घोषित किया है.

शादी का झांसा देकर रेप का आरोप

अभियोजन के मुताबिक बीते 9 जून 2019 को जबलपुर निवासी युवती ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वर्ष 2013 में वह और उपेंद्र धाकड़ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में योगा की पढ़ाई कर रहे थे. इस दौरान धाकड़ ने शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाया. पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2018 तक धाकड़ उसका दैहिक शोषण करता रहा. इसके बाद उसने किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली.

ईपीसी की धारा 376 और 506 का मामला दर्ज


संबंधित मामले में महिला पुलिस थाने में धाकड़ के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 506 के तहत प्रकरण दर्ज है. वहीं गिरफ्तारी से बचने के लिए धाकड़ ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पेश कर कहा था कि उसे रेप के झूठे मामले में फंसाया गया है. इस पर सरकार की ओर से जमानत पर आपत्ति दर्ज कराई गई और कहा गया कि अगर उसे अग्रिम जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता को परेशान कर सकता है.