भोपाल । वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नेतृत्व संकट से जूझ रही कांग्रेस में नए अध्यक्ष के शीघ्र चयन की बात की है। उनका कहना है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं और अब पार्टी को जल्द से जल्द नए अध्यक्ष पद का फैसला जल्द लेना चाहिए। राहुल गांधी जी ने काफी पहले अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी, वक्त बहुत तेजी से बीत रहा है। इसलिए अब जरूरी हो गया है कि राहुल गांधी जी और सोनिया गांधी जी जल्द से जल्द एक ऊर्जावान नेता चुनें। वहीं अध्यक्ष पद की दौड़ में अपने नाम पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 'मैं कभी भी अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं रहा। सत्ता की दौड़ में न तो मैं कभी किसी से लड़ा हूं और न ही लड़ूंगा।' नए कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर वह बोले कि 'मैं बस यही कहना चाहता हूं की फैसला जल्दी होना चाहिए। समय बीत रहा है और पार्टी के लिए यह बेहद जरूरी है कि वह अध्यक्ष पद के लिए किसी श्रेष्ठ नेता को चुनें। यह फैसला सबको मिलकर लेना होगा।'
वहीं लोकसभा चुनाव में मिली हार पर सिंधिया ने कहा कि 'मैं कभी बैकफुट पर नहीं खेलता, हमेशा फ्रंटफुट पर खेलता हूं। जो भी परिणाम आए वह सरमाथे हैं। हार के लिए हम जिम्मेदार हैं। जरूर कोई कमी रही होगी, जो हार गए, लेकिन अब कड़ी मेहनत करूंगा और जनता का विश्वास दुबारा जीतूंगा।' किसान कर्जमाफी पर बोले कि, मैं वादा करता हूं कि अगर 55 लाख किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो मैं खुद उनके हक की लड़ाई लड़ूंगा। कांग्रेस ने वादा किया था कि 10 दिनों में कर्ज माफ होगा। हमने 6 घंटे में आदेश जारी भी कर दिये। भाजपा कांग्रेस को गलत प्रचारित कर रही है। राहुल गांधी के इस्तीफे पर सिंधिया ने कहा कि 'हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जिन राहुल गांधी ने पूरी कांग्रेस ने ही नहीं जनता का भी नेतृत्व किया वह अपना पद त्याग देंगे। यह कांग्रेस के लिए काफी मुश्किल समय है। हमने उन्हें मनाने की काफी कोशिश की थीं, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रहे। राहुल गांधी जब कोई फैसला लेते हैं तो वह उससे हटते नहीं हैं। हमें उन पर गर्व है।' नए कांग्रेस अध्यक्ष के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 'नए कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला सामूहिक होगा। नए कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला सभी सदस्यों के साथ मिलकर किया जाएगा।'