वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने आज संजीवनी केन्द्र के जीर्णोद्धार  कार्यों के निरीक्षण के दौरान केन्द्र में स्पा और पंचकर्म की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिये। इस मौके पर मुख्य वन संरक्षक डॉ. एस.पी. तिवारी उपस्थित थे।

वन मंत्री ने जीर्णोद्धार कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्य जल्द से जल्द पूरा करें। काम पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री को भी केन्द्र का अवलोकन करवाया जायेगा।

वन मंत्री ने केन्द्र में दवाइयों तथा उनमें प्रयुक्त होने वाली जड़ी-बूटियों और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन अलग-अलग सेक्टर में करने के निर्देश दिये। वन मंत्री ने केन्द्र के नव-निर्माण के बाद कुशल चिकित्सकों को ही संजीवनी में बैठने की अनुमति देने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने बंसी एम्पोरियम (बाँस शिल्प केन्द्र) का भी अवलोकन किया। वन मंत्री ने एम्पोरियम की संचालिका से चर्चा में शीघ्र ही मध्यप्रदेश में भी बाँस से टाइल्स बनाने की यूनिट स्थापना का आश्वासन दिया।

वन मंत्री ने शीघ्र ही बाँस उत्पादकों, शिल्पियों तथा विनिर्माताओं की एक प्रदेश-स्तरीय कार्यशाला करने के निर्देश दिये। वन मंत्री ने स्वयं के उपयोग के लिये बाँस से निर्मित कुछ सामान भी खरीदे। उन्होंने बाँस से बने एक सोफा सेट के लिये अग्रिम राशि भी जमा की।