जोधपुर/भवानी भाटी : बॉलीवुड स्टार सलमान खान को सीजेएम जोधपुर जिला कोर्ट जज अंकित रमन की कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सीजेएम कोर्ट ने सलमान के खिलाफ सरकार की ओर से पेश की गई धारा 340 की अर्जी पर लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को फैसला करते हुए सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया. 

इस अर्जी में सलमान पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया था, वहीं ललित बोड़ा के खिलाफ सलमान की ओर से पेश धारा 340 की अर्जी को सलमान के अधिवक्ता ने वापस ले लिया.

गौरतलब है कि सलमान पर हिरण शिकार मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में हथियारों के लाईसेंस खो जाने को लेकर कोर्ट में एक शपथ पत्र पेश किया गया था.
 

सरकार ने पेश की थी प्रार्थना पत्र
2006 में राजकीय अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में धारा 340 का प्रार्थना पत्र पेश कर सलमान पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की गई थी. करीब 13 वर्षों बाद इस अर्जी पर सोमवार को कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए एक्टर सलमान को बड़ी राहत दी है. 

फिल्म की शूटिंग के दौरान मामला आया था सामने
आपको बता दें कि फिल्म ''हम साथ साथ हैं'' की शूटिंग के दौरान अभिनेता सलमान खान पर हिरण शिकार के तीन मामले और एक अवैध हथियार का एक मामला दर्ज हुआ था.

जिला और सत्र जिला जोधपुर न्यायालय में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट के  सलमान को सजा देने के खिलाफ सलमान की ओर से पेश की गई सलमान की अपील व आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को बरी किए जाने के खिलाफ सरकार की अपील लंबित है.

इसके अलावा घोड़ा कृषि फार्म हाउस हिरण शिकार मामला और भवन शिकार मामले में सलमान को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी थी.  सरकार ने इन दोनों मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर रखी है. सीजेएम ग्रामीण कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद सलमान खान के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में कोई मामला लंबित नहीं है.

विधि सूत्रों के अनुसार, धारा 340 के तहत 7 साल तक कि सजा का प्रावधान है. ऐसे में अगर सरकार की अर्जी स्वीकार होती तो सलमान खान की मुश्किलें बढ़ सकती थी.