नई दिल्ली: वरिष्ठ अभिनेता और नाटककार गिरीश कर्नाड का सोमवार सुबह निधन हो गया. वह 81 साल के थे. गिरीश कर्नाड काफी समय से बीमार चल रहे थे. मिली जानकारी के अनुसार कर्नाड का जब निधन हुआ तब वह बेंगलुरु में थे. गिरीश कर्नाड के निधन से पूरा बॉलीवुड सदमे में है. बता दें, गिरीश कार्नाड का जन्म 19 मई 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में हुआ था. उन्हें भारत के जाने-माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फिल्म निर्देशक और नाटककार के तौर पर भी जाना जाता था. 
गौरतलब है कि 1960 के दशक में उनके ‘यायाती’ (1961), ऐतिहासिक ‘तुगलक’ (1964) जैसे नाटकों को समालोचकों ने सराहा था, जबकि उनकी तीन महत्वपूर्ण कृतियां ‘हयवदना’(1971), ‘नगा मंडला’(1988) और ‘तलेडेंगा’(1990) ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की. कर्नाड को पद्मश्री और पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है. सलमान खान की सुपरहिट फिल्म 'एक था टाइगर' और 'टाइगर जिंदा है' में गिरीश कर्नाड ने काम किया था. 

गिरीश कर्नाड की हिंदी के साथ-साथ कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छी खासी पकड़ थी. गिरीश कर्नाड 1974-75 में FTII पुणे के डायरेक्टर के पद पर भी काम कर चुके थे. साथ ही उन्होंने संगीत नाटक अकादमी और नेशनल अकादमी ऑफ पर्फॉर्मिंग आर्ट्स के चेयरमैन भी रह चुके थे.