नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बीच पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में सात चरणों में हुए चुनाव की तरह ही अगले महीने से सात चरणों में विधायकों एवं नेताओं को पार्टी में शामिल करने का कार्यक्रम होगा . पश्चिम बंगाल से तीन विधायक एवं 50 से अधिक पार्षद मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए जिसमें बीजेपी नेता मुकुल राय के पुत्र शुभ्रांशू राय भी शामिल हैं.

विजयवर्गीय ने बीजेपी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा,‘ बंगाल में सात चरणों में लोकसभा चुनाव हुए थे . हम इसी प्रकार अगले महीने से बंगाल में शामिल होने (नेताओं के) का कार्यक्रम रखेंगे. हर महीने अलग अलग चरण में शामिल (विधायकों, नेताओं को) कराया जाएगा .'

बीजेपी महासचिव ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने जब कहा था कि तृणमूल के 40 विधायक हमारे संपर्क में हैं तब तृणमूल ने कहा था कि एक पार्षद भी शामिल नहीं होगा . आज तीन विधायक और 50 से अधिक पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए .

'ममता के तनाशाहीपूर्ण रवैये से TMC के अनेक नेता परेशान'
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के तनाशाहीपूर्ण रवैये से तृणमूल के अनेक नेता परेशान हैं, जिन नेताओं का दम घुट रहा है, वे धीरे धीरे पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं .

विजयवर्गीय ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि ममता सरकार 2021 तक चले लेकिन अगर उनके लोग अपनी ही पार्टी को छोड़कर बीजेपी में आएंगे, तब हम क्या कर सकते हैं .’

उन्होंने कहा कि सभी को पार्टी में नहीं लिया जाएगा बल्कि जो लायक होंगे, उन्हें ही पार्टी में शामिल किया जाएगा . गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में प्रभावकारी प्रदर्शन के बाद बीजेपी राज्य में अपनी स्थिति और मजबूत बनाने में लगी है .

आज बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में शुभ्रांशू राय भी हैं जिन्हें आम चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियो को लेकर तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था .

पार्टी मुख्यालय में बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल राय की उपस्थिति में ये लोग पार्टी में शामिल हुए . पार्टी में शामिल होने वाले अन्य विधायकों में तृणमूल कांग्रेस के तुषारक्रांति भट्टाचार्य और माकपा के देवेन्द्र नाथ राय शामिल हैं . इसके अलावा कई अन्य पार्षद पार्टी में शमिल हुए . कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल राय ने संवाददाताओं से कहा, ‘आने वाले दिनों में टीएमसी से और विधायक बीजेपी में शामिल होंगे . ’

कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे बीजेपी नेता मुकुल राय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के इस्तीफे की पेशकश से जुड़ी घटना पर चुटकी लेते हुए कहा कि वह कुर्सी नहीं छोड़ सकती है, जब तक प्रदेश के लोग नहीं हटायेंगे तब तक वह कुर्सी नहीं छोड़ेंगी .  राय ने दावा किया, ‘2021 में आसन्न विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को विपक्षी पार्टी का भी दर्जा नहीं मिलेगा.’ 

गौरतलब है कि 2016 में पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिये हुए चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 211 सीटों पर जीत मिली थी जबकि बीजेपी को सिर्फ तीन सीट हासिल हुई थी . इसके बाद से बीजेपी लगातार मजबूत होते हुए मुख्य प्रतिद्वन्द्वी बन गई है.

तीन नगरपालिकाओं में हुआ बीजेपी का कब्जा 
मुकुल राय ने कहा, ‘लोग तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं . आने वाले सप्ताह में और लोग शामिल होंगे . ’ बहरहाल, 50 पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से तीन नगरपालिकाओं में बीजेपी का कब्जा हो गया है .

वहीं, बीजेपी नेता मुकुल राय ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि बीजेपी विधायकों एवं नेताओं की खरीद फरोख्त कर रही है. उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस में सेंध लगाने में मुकुल राय की भूमिका मानी जा रही है . राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन में मुकुल राय प्रमुख शिल्पकारों में रहे हैं . बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीती जबकि तृणमूल कांग्रेस की सीटों की संख्या घटकर 22 पर आ गई .