भिलाई । वर्तमान एवं भविष्य के लिए जल की उपलब्धता को बनाये रखना आज के समय में हम सभी के लिए चिन्तनीय विषय बन गया है। भू-जल के अंधाधुंध और अनावश्यक उपयोग के कारण कई स्थानों में प्राकृतिक भू-गर्भ के असंतुलित होने का खतरा दिनों-दिन मंडरा रहा है। इसके अलावा समय की निरंतरता के साथ जल की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। गर्मी के दिनों में वैसे भी पानी की अधिक जरूरत होती है। लोग भीषण गर्मी में जल के लिए त्राहि-त्राहि हो रहे हैं, लोगों को गर्मी के दिनों में मीलों दूर अथवा रात-रात भर जागरण करके पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। तब उन्हें बड़ी कठिनाई से स्वयं के पीने और निस्तारी के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी जल उपलब्ध हो पाता है। हर व्यक्ति का यह धर्म और कत्र्तव्य है कि वह प्रकृति द्वारा प्रदत्त आधारभूत व अति महत्वपूर्ण सुविधा जल के संरक्षण और संवर्धन में आवश्यक कदम उठाये। यदि समय रहते भू-जल के स्तर में संवर्धन की दिशा में जरूरी व सार्थक कदम नहीं उठाया गया तो लोगों को इसके और भी गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।     
जल संरक्षण और भू-जल स्तर में संवर्धन जैसे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में भिलाई इस्पात संयंत्र विगत कई वर्षों से अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रेन वॉटर हार्वेस्ंिटग के संबंध में आवश्यक नि:शुल्क तकनीकी परामर्श उपलब्ध करा रहा है। इस संबंध में संयंत्र टाउनशिप के नगर अभियाँंत्रिकी विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) डॉ आर पी देवांगन (मोबाइल नम्बर-9407980082) से संपर्क किया जा सकता है। डॉ देवांगन विषय से संबंधित सिस्टम के बारे में आवश्यक तकनीकी जानकारी व परामर्श नि:शुल्क उपलब्ध करायेंगे।