भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में अपनी प्रदर्शन से धाक जमायी है पर देखने में आया है कि उन्हें विदेशी दौरों पर पसंदीदा खाना नहीं मिल पाता। अब उनकी यह परेशानी दूर होने जा रही है। इसके लिए मुक्केबाजी फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) अब विदेशी दौरों में खिलाड़ियों के साथ शेफ भेजने की व्यवस्था करेगा। देखा गया है कि मुक्केबाजों को विदेशी दौरों पर भोजन संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता है। यहां तक कि बैंकॉक में हुए एशियन चैंपियनशिप बॉक्सिंग में पदक लेकर लौटे मुक्केबाजों को खाने में सिर्फ चावल ही मिले। 
भारत के अधिकतर मुक्केबाज हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आते हैं, जहां मुख्य भोजन रोटी है जो उन्हें विदेशी दौरों पर नहीं मिलती। ऐसे में मुक्केबाजों ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) से शिकायत की है कि टूर्नामेंट के दौरान उन्हें दाल-रोटी-सब्जी नहीं मिली। हरियाणा और पंजाब के मुक्केबाज फलों पर निर्भर रहे। इसके साथ ही अधिकतर मुक्केबाज शाकाहारी हैं और उन्होंने इवेंट के दौरान शुद्ध शाकाहारी भोजन न मिल पाने की भी शिकायत की।
बीएफआई अब इस समस्या का हल निकालने में जुटी है। फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, 'हम भविष्य के दौरों के लिए अपने खिलाड़ियों के साथ शेफ भेजने की योजना पर विचार कर रहे हैं।' सिंह ने आगे कहा, 'हमारे मुक्केबाज एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने गए और वहां का भोजन उनके लिए बिलकुल ही अलग था। उन्हें दिन में तीन वक्त, नाश्ते, लंच और डिनर में चावल दिए जा रहे थे। वे इसके आदी नहीं हैं।' उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस समस्या का समाधान कर सकें। अगर हम इतना बड़ा दल भेज सकते हैं तो साथ में शेफ भेजने में कोई दिक्कत नहीं है।' बीएफआई के अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि फेडरेशन चाहता है कि मुक्केबाज सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दें और उनका ध्यान अन्य बातों से न भटके।