भोपाल । चुनाव आयोग के नोटिस के बावजूद भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, 'मैं फिर कहती हूं कि मैंने ढांचा तोड़ा था। वह विवादित ढांचा नहीं, राम जन्मभूमि है। मैंने ढांचा तोड़ा था और मैं वहां भव्य मंदिर बनाने जाउंगी। जिसे जो कहना है, कहता रहे। राम मेरे आदर्श हैं, इसलिए मंदिर बनाने से कोई मुझे नहीं रोक सकता।' गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा भारती ने कहा था कि मैंने विवादित ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ा था, इसका मुझे गर्व है कि मैंने देश का कलंक मिटाया। चुनाव आयोग ने इस बयान का संज्ञान लेते हुए उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस थमाया था और 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा था। चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को आचार संहिता उल्लंघन के दो नोटिस भेजे थे।
     शहीद हेमंत करकरे को लेकर साध्वी के बयान पर भी चुनाव आयोग ने नोटिस दिया था। जिस पर साध्वी ने आयोग को देर शाम अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है। जवाब में साध्वी ने कहा मैंने इस मामले में अपना बयान वापस ले लिया है। मैंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि मेरे बयान से दुश्मनों को बल मिलता है तो मैं अपना बयान वापस लेती हूं। साध्वी ने कहा कि उन्होंने अपने संबोधन में अभद्र भाषा का उपयोग नहीं किया और न ही किसी पंथ, संप्रदाय, धर्म या किसी व्यक्ति विशेष को लेकर मैंने कोई पर्चे बांटे। सूत्रों के मुताबिक इस जवाब के बाद गांधी नगर थाने में आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज करवा सकता है।