दिग्गी के माध्यम से भगीरथ फिर टिकट की जुगत में
गोविंद सिंह फूलसिंह के पक्ष में

 

ब्यूरो रिपोर्ट, ग्वालियर 
भिंड दतिया लोकसभा सीट पर कांग्रेस के पास मजबूत कैंडिडेट का टोटा है उसकी खोज बीजेपी के पुराने सांसदों पर आकर टिक रही है वो है अशोक अर्गल औऱ भगीरथ प्रसाद। दोनो भिंड से बीजेपी से  सांसद रह चुके है भगीरथ प्रसाद को पिछले चुनाव में नरोत्तम मिश्रा एन वक्त पर कांग्रेस से तोड़कर बीजेपी में ले आये थे तब अशोक अर्गल का टिकट काटा गया था अब सियासी सूरत पूरी तरह पलट चुकी है दोनों नेता फ़िलहाल पैदल है और बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है इसलिये दोनो कांग्रेस के दरवाजे पर खड़े है अर्गल जहाँ रामनिवास रावत के थ्रू सिंधिया के सीधे संपर्क में है वहीँ भागीरथ प्रसाद अपने राजनीतिक आका दिग्विजयसिंह के भरोसे फिर टिकट की जुगत में है। बिडम्बना यह है कि भगीरथ ऒर अर्गल दोनो को लेकर कांग्रेस की उलझन एक सी है क्योंकि दोनों पैराशूट कैंडिडेट होंगे जिनकी मनाही राहुल गांधी भोपाल में कर चुके है।कांग्रेस के पास भिंड में कोई मजबूत विकल्प नही है उसके पास अपने कैडर में सिर्फ पूर्व गृह मंत्री महेंद्र बौद्ध, भांडेर विधायक रक्षा सिरोनिया ही है  लेकिन ये दोनों दतिया जिले के है।
गोविंद सिंह ने फूल सिंह को शामिल कराया
एक जमाने मे प्रदेश के मजबूत दलित नेता के रूप में पहचान बना चुके फूल सिंह बरेया को गत दिवस कांग्रेस में शामिल कराया गया है इसके पीछे सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह का प्लान बताया जा रहा है। पता चला है की वह फूलसिंह को भिंड से कांग्रेस टिकट दिलाना चाहते है लेकिन इसमें एक बड़ी समस्या सिंधिया फेक्टर की है । सिंधिया फूल सिंह को पसंद नही करते है क्योंकि उनके स्वर्गीय पिता माधवराव सिंधिया के विरुद्ध दो लोकसभा चुनाव ग्वालियर से लड़ चुके फूलसिंह ने उनके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक प्रचार अभियान छेड़ा था। डॉ गोविंद सिंह सिंधिया की पसंद के कैंडिडेट को अपने जिले में सांसद के रूप स्थापित नही होने देना चाहते है इसीलिये उन्होंने फूलसिंह का दाव खेला है। जाहिर है कांग्रेस के पास खुद का कोई मजबूत कैंडिडेट नही है औऱ नेताओँ के बीच गुटीय सन्तुलन का भी अभाव है।

न्यूज़ सोर्स : खबरमंत्री ब्यूरो