नई दिल्ली,  लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान नेताओं की टिप्पणियों पर चुनाव आयोग लगातार नजर बनाए हुए है और उसकी कोशिश चुनाव के दौरान आचार संहिता बनाए रखने की है. राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के एक बयान को लेकर चुनाव आयोग बेहद सख्त हो गया है और इसकी शिकायत राष्ट्रपति से भी कर दी गई है.

चुनाव आयोग ने राज्यपाल कल्याण सिंह के बयान पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सोमवार रात पत्र लिखा और पत्र में उनके बयान की शिकायत की गई. सोमवार देर शाम चुनाव आयोग की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई और बैठक के बाद राष्ट्रपति को इस संबंध में चिट्ठी भेजी गई.

राष्ट्रपति कोविंद को भेजे गए पत्र में राज्यपाल कल्याण सिंह के बयान और आचार संहिता के पालन पर उसके असर का विस्तार से ब्यौरा दिया गया है. राज्यपाल के पद की गरिमा के मुताबिक चुनाव आयोग ने इस मामले में राष्ट्रपति से ही समुचित संज्ञान लेने की अपील की गई है.

'हम बीजेपी के कार्यकर्ता'

पिछले हफ्ते समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अलीगढ़ में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा, 'हम सभी बीजेपी के कार्यकर्ता हैं, हम चाहते हैं कि बीजेपी बड़ी जीत हासिल करे. देश के लिए जरूरी है कि नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनें.' कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया एटा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले कल्याण सिंह प्रदेश में मुख्यमंत्री रहे हैं. फिलहाल कल्याण सिंह बतौर राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर तैनात हैं और भारतीय संविधान के तहत संवैधानिक पद पर बैठा कोई भी व्यक्ति किसी भी एक राजनीतिक दल का समर्थन नहीं कर सकता है, उसे हमेशा निष्पक्ष रहना होता है. इस बयान से कुछ दिन पहले भी कल्याण सिंह ने अलीगढ़ से सतीश गौतम को बीजेपी की ओर से टिकट दिए जाने का विरोध किया था.

तब कल्याण सिंह ने कहा था कि पार्टी ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जो कभी अतरौली (लोकसभा क्षेत्र में ही एक जगह) गया ही नहीं है. उनके इस बयना के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं. सतीश गौतम ही अभी अलीगढ़ से सांसद हैं.

योगी के खिलाफ पूर्व नौसेना प्रमुख

वहीं एक अन्य घटनाक्रम में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एल रामदास ने कहा कि भारतीय सेना को ‘मोदीजी की सेना’ कहने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ वह चुनाव आयोग जाएंगे. उन्होंने कहा कि सैन्य बल किसी व्यक्ति से नहीं जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि कई पूर्व और सेवारत सैनिक उनकी टिप्पणी पर नाराज हैं.

एडमिरल रामदास ने कहा, 'सैन्य बल किसी व्यक्ति से नहीं जुड़ा हुआ है, वे देश की सेवा करते हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव होने तक मुख्य चुनाव आयुक्त ही बॉस हैं. मैं इस संबंध में चुनाव आयोग जा रहा हूं.' लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एचएस पनाग ने भी कहा कि यह हैरान करने वाली टिप्पणी नहीं है क्योंकि पिछले पांच साल में कई नेताओं ने इस तरह की टिप्पणी करते हुए राष्ट्रवाद को सैन्य बलों से जोड़ने की कोशिश की है.