नई दिल्ली । बायजूज, सिंपलीलर्न, टॉपर और ब्रेनली जैसी एजुकेशनल टेक्नोलॉजी कंपनियां कारोबार बढ़ाने के लिए भारतीय भाषाओं में कंटेंट पेश करने पर जोर दे रही हैं। वे विभिन्न भारतीय भाषाओं में सॉल्यूशंस डिवेलप कर रही हैं। जानकारों ने कहा कि ऐसी कंपनियां अपने एजुकेशन डिलीवरी मॉडल को मजबूत बनाने और बैक-एंड प्रोसेस को ऑटोमेट करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बॉट्स जैसी नई टेक्नोलॉजी का भी उपयोग कर रही हैं। अर्न्स्ट एंड यंग के पार्टनर और एजुकेशन सेक्टर लीडर अमिताभ झिंगन ने कहा, भारत उन चुनिंदा देशों में है, जहां कंज्यूमर लेवल पर एजुकेशनल टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर अपनाया गया है। इनमें से अधिकतर कंपनियां ग्रोथ के नए चरण में हैं। ये कंपनियां अब टियर 2 और टियर 3 शहरों में विस्तार कर रही हैं। इसके कारण इनमें से अधिकतर कंपनियां क्षेत्रीय भाषाओं में प्रॉडक्ट्स डिवेलप कर रही हैं।'
मिली जानकारी के अनुसार इस साल के-3 (पहली, दूसरी और तीसरी कक्षाएं) के लिए लर्निंग प्रॉडक्ट लांच करने की तैयारी में जुटी बायजूज क्षेत्रीय भाषाओं में लर्निंग प्रोग्राम बना रही है। अभी बायजूज के 75 प्रतिशत यूजर्स मेट्रो शहरों से बाहर के हैं। इस बारे में बायजूज में सीओओ मृणाल मोहित ने कहा, 1700 से ज्यादा शहरों और कस्बों तक कारोबार ले जाना खुशी की बात है। हालांकि इस लर्निंग रिवॉल्यूशन कहने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है। 'टॉपर भारत में ज्यादा शहरों तक कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लिहाजा उन शहरों में वह अपनी टीम बड़ी कर रही है जहां वह पहले से बिजनेस कर रही है। इसके जरिए कंपनी ने टियर 2 और टियर 3 शहरों में कदम बढ़ाए हैं। टॉपर के सीईओ जीशान हयात ने कहा, दो साल पहले हम सात शहरों में एकेडमिक कंसल्टेंट्स की टीमें बनाई थीं। अब हमारी मौजूदगी 25 शहरों में है। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता वाले बॉट्स के जरिए ऑनलाइन आने वाले सवालों के जवाब देती है। इससे उस छोटे शहरों के छात्रों की समस्या सुलझाने में मदद मिल रही है। सिंपलीलर्न भी ऑटोमेशन पर फोकस कर रही है ताकि भारत में वह ज्यादा से ज्यादा छात्रों से जुड़ सके। सिंपलीलर्न के सीईओ कृष्ण कुमार ने कहा, हम सेल्स सॉल्यूशंस, फाइनेंशियल प्रोसेस, मार्केटिंग सिस्टम्स, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस के ऑटोमेशन और स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सपोर्ट देने पर फोकस कर रहे हैं। कंपनी ने डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजर, मशीन लर्निंग, एआई, डेटा साइंस और रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन जैसे नए कोर्स शुरू किए हैं।