राहु काल तो नहीं है? अरे, काला नहीं, पीला कपड़ा पहनो। सफेद चीज खाकर निकलो...। जितने मुंह, उतनी सलाहें...। अनगिनत सवाल। कुछ सुलझे तो कुछ उलझे से...। अभी छह चरणों का नामांकन बाकी है। नेताओं के मन में तमाम सवाल हैं लिहाजा धर्मगुरुओं, पण्डितों, ज्योतिषियों की गलियां गुलजार हैं। 

सियासी दांवपेंच के बीच शुभ और अशुभ दिन और क्षण भी खंगाले जा रहे हैं। 14 मार्च से खरमास लग चुका है और यह 19 अप्रैल को खत्म हो रहा है। खरमास को शुभ काम के लिए अच्छा नहीं माना जाता लेकिन पांच साल में एक बार आने वाला त्योहार यानी लोकसभा चुनाव भी इसी वक्त आता है लिहाजा नेता अपनी कुण्डली ढूंढ़ कर अच्छा मुहुर्त निकलवाने के लिए ज्योतिषियों के चक्कर काट रहे हैं। जिसके पास कुंडली नहीं तो वह अपनी मां या किसी बुजुर्ग महिला से जन्म का समय पूछ कर काम चला रहा है।
मन में शंकाएं हैं। दुविधाएं अपार हैं। कैसे कोई गुरुजी वो समय बता दे कि नामांकन करते ही जीत पक्की हो जाए ? चुनावी गंगा यूं चुटकी बजाते ही पार हो जाए। जिन्होंने पिछली बार हार का स्वाद चखा था उनकी सावधानियों की तो पूछिए मत।  याद किया जा रहा है कि क्या गड़बड़ हुई थी? कहीं राहु काल में भी पर्चा नहीं भर आए थे। यहां तक कि नामांकन के समय पहनने वाले कपड़े का रंग, खाना और गाड़ी के रंग आदि के बारे में भी पूछा जा रहा है। 

गुरुकुल विश्व विद्यापीठ के संस्थापक राधे श्याम शास्त्री कहते हैं कि बहुत लोग आ रहे हैं। जो आ नहीं पा रहे हैं वे व्हाट्सऐप या ईमेल से कुण्डली भेज रहे हैं। आखिर लोकतंत्र के सबसे बड़े त्योहार  की शुभ साइत तो देखी ही जानी चाहिए। 

ज्योतिषाचार्यों की माने तो हर राशि के लिए मुहूर्त अलग-अलग होते हैं। हालांकि कुछ ऐसे मुहूर्त भी होते हैं जो सभी के लिए शुभ होते हैं। नामांकन के दौरान नवरात्र भी पड़ेंगे। इस बार चैत्र नवरात्र 6 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं और 14 अप्रैल तक चलेंगे। अमूमन खरमास के नवरात्रों में भी शुभ काम नहीं होते लेकिन इन्हें देवी का दिन मान कर शुभ काम करने का चलन रहा है। आखिरी चरण के नामांकन 29 अप्रैल तक होंगे। लिहाजा इस एक महीने में तारों की चाल पर खास नजर रहेगी। 
ज्योतिषाचार्य केपी शर्मा का कहना है कि  कुण्डली के हिसाब से नक्षत्रों की चाल और शुभ मुहुर्त देख कर नामांकन किया जाए तो कोई दिक्कत नहीं। खरमास का इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। नामांकन के लिए भारत में अलग-अलग सैकड़ों- हजारों लोग जाएंगे।  सबकी राशि अलग-अलग होगी। लिहाजा उनकी राशि और नक्षत्र के मुताबिक ही समय बताया जा सकता है। 

नामांकन की शुभ घड़ियां
30 मार्च    सुबह 8.30 से 10.30 बजे और         12.30 से 2 बजे तक
01 अप्रैल    सुबह 8.30 से 12.30 बजे  और         2.45 से 5  बजे तक
02 अप्रैल    सुबह 8.30 से 12.30 और दोपहर         2.45 से 5 बजे तक
05 अप्रैल    2.20 से 3,  4.30 से 5 बजे तक
06 अप्रैल    सुबह 10 से  4.30 बजे
08 अप्रैल    सुबह 10 से 4 बजे तक
09 अप्रैल    शाम 4 से 5 बजे तक 
11 अप्रैल    10-11.45 बजे तक, 2 से 5.30
12 अप्रैल    10 से 11.45 बजे तक
13 अप्रैल    10 से 11.30
17 अप्रैल    11.15 से 5 बजे तक अच्छा 
19 अप्रैल    सुबह 10 से 11.15 बजे तक,         1.30 से 5 बजे तक
20 अप्रैल    सुबह 10 से 11.15 और दोपहर         1.30 से 5 बजे तक
27 अप्रैल    10.45 से 5 बजे तक

बहुत ज्यादा अच्छे मुहूर्त

10 अप्रैल    11.45 से 5 बजे शाम  
26 अप्रैल    10.50- 5 बजे तक 
29 अप्रैल    सुबह 10 बजे से 11.30 बजे तक 

ज्योतिषी कहते हैं
’ हर रोज, हर समय का अलग योग होता है। 
’ शुभ मुहुर्त राशि के मुताबिक निकाला जाता है।
’ यदि राहु काल है तो यह समय सबके लिए वर्जित है। इस समय नामांकन से बचे। 
’ परिवार सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सबसे अच्छे माने जाते हैं। 
’ नवरात्र में नामांकन करना शुभ माना जाता है। 
’ भद्रा का दोष देखा जाता है। भद्रा में न निकले।