अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने साफ कहा कि सरकार कमजोर और अंत्योदय वर्गों के विकास की दिशा में सामाजिक समरसता के साथ कार्यरत है। गुरुवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को योजनागत लाभों के वितरण समारोह में उन्होंने यह बात कही। गुजरात अनुसूचित जाति विकास निगम, गुजरात सफाई कामदार विकास निगम और डॉ. अंबेडकर अंत्योदय विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 4500 लाभार्थियों को कुल मिलाकर 69 करोड़ रुपए की सहायता-लाभ का ऑनलाइन वितरण प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर-डीबीटी) के जरिए सीधे उनके खातों में किया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा हमेशा 'सब समाज को लिए साथ में आगे है बढ़ते जाना' का मंत्र अपनाकर अमीर-गरीब, ऊंच-नीच जैसे भेदभाव के बिना सबको साथ लेकर सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक उत्कर्ष की है। रूपाणी ने योजनाओं के लाभ और सहायता के ऑनलाइन आवेदन, ऑनलाइन अनुमोदन और ऑनलाइन ही बैंक एकाउंट में ट्रांसफर के नवीनतम पारदर्शी दृष्टिकोण को जिस तरह देश की सेना ने आतंकियों का सफाया किया, उसी तरह बिचौलियों के सफाए के समान करार दिया। उन्होंने कहा कि यह ऋण-सहायता देकर सरकार कोई उपकार नहीं कर रही है, सिर्फ समर्थन देकर वंचित वर्गों के इन युवाओं के सर्वांगीण विकास और आर्थिक उत्कर्ष के लिए सीधे ऋण देकर उन्हें प्रगति की राह पर अग्रसर कर उनका समर्थन कर रही है। भूतकाल में कांग्रेसी शासकों द्वारा वंचित, गरीब, अंत्योदय और कमजोर समाजों की परवाह नहीं करने और एक ही परिवार की भक्ति में लीन रहने पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार भक्ति में तल्लीन ऐसे लोगों ने डॉ. अंबेडकर, सरदार साहेब, सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर जैसे राष्ट्र सपूतों का इतिहास भी भुला देने की कोशिशें की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने डॉ. अंबेडकर सहित अन्य महानुभावों के जीवन दर्शन को भावी पीढ़ी में उजागर करने के लिए उन्हें समुचित सम्मान दिया है। 
सामाजिक समरसता की भाजपा की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुंभ मेले में अदने सफाईकर्मियों के पैर धोकर मामूली कर्मयोगी के योगदान की भी महत्ता स्थापित की और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। रूपाणी ने कहा कि अब सच्चे अर्थ में प्रत्येक वंचित, गरीब, पीड़ित और शोषित समाजों की चिंता करने वाली सरकार सेवारत है। इस मौके पर उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, उज्जवला, सौभाग्य और श्रमयोगी मानधन योजना जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। गुजरात सरकार की ओर से मुख्यमंत्री अमृतम- मा और मा वातसल्य योजना के लाभ, विवाह के अवसर पर रियायती किराये पर एसटी बस उपलब्ध कराने और दुर्घटना की स्थिति में पहले 48 घंटे के गोल्डन अवर में 50 हजार रुपए तक की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने जैसे कल्याणकारी आयामों पर भी उन्होंने प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साधन-सहायता लाभार्थियों को आर्थिक उन्नति की नई दिशा दिखाएगी। 
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ईश्वरभाई परमार ने डॉ. अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंद लोगों के दुख और व्यथा को समझकर उन्हें सहायक हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले कभी आवंटित नहीं किया गया उतना बजट इस वर्ष विजय रूपाणी की सरकार ने आवंटित किया है। परमार ने लाभार्थियों को कड़ा परिश्रम कर आत्मनिर्भर बनने की शुभकामनाएं दी और नियत समय में कर्ज की किस्तें जमा करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अब तक गुजरात अनुसूचित जाति विकास निगम, गुजरात सफाई कामदार विकास निगम और डॉ. अंबेडकर अंत्योदय विकास निगम की ओर से 135911 लाभार्थियों को 601.52 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। 
राज्यसभा सांसद शंभुप्रसाद टुंडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ करने राज्य सरकार प्रयासरत है और हम सभी को इसमें सहभागी बनना होगा। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव मनोज अग्रवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए तीनों निगमों द्वारा अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार ने पहली बार बजट में निगम को १५० करोड़ रुपए की भारी राशि आवंटित की है। केंद्र सरकार द्वारा निगमों को जो सहायता दी जाती है, उसमें भी राज्य सरकार बैंक गारंटी देगी।