भोपाल । जन-जातीय और लोक-कलाओं का 34वाँ राष्ट्रीय समारोह लोकरंग गणतंत्र दिवस 26 जनवरी से भोपाल में शुरू हो रहा है। पाँच दिवसीय लोकरंग का शुभारंभ संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ शाम 7 बजे बीएचईएल, दशहरा मैदान में करेंगी।
लोकरंग के पहले दिन गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में चयनित प्रतिभागियों और झाँकियों के लिये राज्य स्तरीय पुरस्कार अलंकरण होगा। गोंड आख्यान आधारित समवेत नृत्य-नाटिका 'रामायनी' का मंचन होगा। सुप्रसिद्ध रंगकर्मी और फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा, रंगकर्मी सुमन साहा और मुख्य गायक पद्मप्रहलाद टिपाण्या समारोह में भाग लेंगे। दूसरे दिन 27 जनवरी को पंडवानी गायन देशराग, धरोहर में मध्यप्रदेश, मणिपुर, उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलांगना, गुजरात, उड़ीसा राज्यों के जन-जातीय लोक-नृथ्य और देशांतर में रूस का सिम्फनी ऑफ रोमानिया होगा।
तीसरे दिन 28 जनवरी को देशराग में राजस्थान का मांगणियार गायन, धरोहर में मध्यप्रदेश, मणिपुर, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उड़ीसा और त्रिपुरा राज्यों के जन-जातीय और लोक-नृत्य होंगे। देशांतर में ईरान के ओशाक की प्रस्तुति होगी। चौथे दिन 29 जनवरी को देशराग में उत्तरप्रदेश का आल्हा गायन, धरोहर में मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड, कर्नाटक, गुजरात और त्रिपुरा राज्यों के जन-जातीय और लोक-नृत्य होंगे। देशांतर में अल्जीरिया के दि केन केन की प्रस्तुति होगी। 30 जनवरी को शाम 7 बजे से महात्मा गाँधी की पुण्य-तिथि 'पीर पराई जाने रे' कार्यक्रम में प्रख्यात सूफी गायक हंसराज हंस द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी।
लोकरंग में शिल्प मेला, संस्कृति, कला और साहित्य पर आधारित पुस्तक मेला, आँचलिक व्यंजन और बच्चों के लिये 27 से 29 जनवरी तक प्रति दिन 2 बजे से विशेष कार्यक्रम उल्लास होगा। उल्लास में बाल फिल्में, कविता, कहानी और कठपुतलियों के खेल होंगे। लोकराग में मध्यप्रदेश का आँचलिक गायन होगा।