रायपुर। बिरगांव के रहवासियों का जीना दूभर हो गया है, क्योंकि नल पानी की जगह केमिकल उगल रहा है। बिरगांव नगर निगम अंतर्गत आने वाली फैक्टरियों का केमिकल युक्त पानी सीधे खारुन नदी में छोड़ा जा रहा है। निगम का फिल्टर प्लांट केमिकल युक्त पानी को शुद्ध करने में नाकाम साबित हो रहा है। इससे लोगों के घरों में सीधे केमिकल युक्त पानी जा रहा है।

निगम प्रशासन वैकल्पिक तौर पर रहवासियों को टैंकर के माध्यम से पानी आपूर्ति कर रहा है। इसके बाद भी लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। नगर निगम के अधिकारियों ने इसकी शिकायत प्रदूषण विभाग, रायपुर कलेक्टर से लेकर उद्योग विभाग तक से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

निगम क्षेत्र की आबादी एक लाख से ऊपर है। औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-मोटी सौ से अधिक फैक्टरियां चल रही हैं। इनका केमिकल युक्त पानी बेंद्री रोड नाला में जा रहा है और वहां से खारुन नदी में, जहां नगर निगम ने केन्द्री के पास 14 एमएलडी का फिल्टर प्लांट लगाया गया है।

इसी प्लांट से बिरगांव क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है। निगम के अधिकारी का कहना है कि फैक्टरियों से निकलने वाला पानी सीवरेज जैसा है। फिल्टर प्लांट नदी के पानी को साफ करने के लिए लगाया गया है, इस कारण वह फैक्टरियों के केमिकल युक्त पानी को साफ नहीं कर पा रहा है।

नदी हो रही प्रदूषित

फैक्टरियों के गंदे पानी से खारुन नदी प्रदूषित हो रही है। हालात यह हैं कि नदी गंदे नाले के समान दिख रही है। कंपनियों के खिलाफ शिकायत करने मंगलवार को बिरगांव नगर निगम महापौर अंबिका यदु कलेक्टर कार्यालय पहुंची थीं। प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से कलेक्टर कार्यालय में नहीं थे जिस कारण मुलाकात नहीं हो पाई।

25 टैंकर चल रहे

बिरगांव नगर निगम रहवासियों को 25 टैंकरों से सुबह-शाम पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद भी लोगों को भरपूर पानी नहीं मिल पा रहा है। निगम के अधिकारी का कहना है कि टैंकर से पानी की सप्लाई वैकल्पिक व्यवस्था है, यदि शासन स्तर पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

- कल फैक्टरियों, प्रदूषण विभाग और बिरगांव नगर निगम के कमिश्नर को कार्यालय बुलाकर सारी जानकारी ली जाएगी। उसके बाद कुछ न कुछ हल निकाला जाएगा। - डॉ. बसवराजू एस, कलेक्टर रायपुर

- फैक्टरियों से निकलने वाला पानी बिना रिसायकलिंग के सीधे खारून नदी में छोड़ा जा रहा है। इस पानी को साफ नहीं किया जा सकता। हमने इसके लिए पर्यावरण विभाग को पत्र लिखा है। - महेन्द्र कुमार पाठक, कमिश्नर बिरगांव नगर निगम

- बिरगांव में काफी दिनों से गंदा पानी आ रहा है। फैक्टरियों से छोड़ा गया केमिकल युक्त पानी सीधे इंटकवेल के पास आ रहा है। कलेक्टर को अवगत करा दिया गया है। यदि जल्द इसका हल नहीं निकला तो मैं आंदोलन करूंगी। कलेक्टर से दो बार मिलने की कोशिश की, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। - अंबिका यदु, महापौर बिरगांव नगर निगम

- पिछले एक सप्ताह से नगर निगम की जनता प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है। महापौर ने इस संबंध में किसी भी जवाबदार अधिकारी से बात नहीं की। फैक्टरियों का पानी सीधे नदी में आ रहा है, यह बेहद ही दुर्भाग्यजनक है। यदि ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। - इकराम अहमद, पूर्व महापौर बिरगांव नगर निगम