रायपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मोहम्मद अकबर ने अधिकारियों को धान संग्रहण केन्द्रों में खरीदे गये धान के परिवहन के लिए प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान संग्रहण केन्द्रों में धान का उठाव जल्द से जल्द से होना चाहिए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। श्री अकबर कल देर रात यहां मंत्रालय में आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों के  क्रियान्वयन के तौर-तरीकों की बारिकी से जानकारी ली। श्री अकबर ने हर योजना और कार्यक्रम के संबंध में अधिकारियों से व्यापक चर्चा की। खाद्य विभाग के विशेष सचिव मनोज सोनी ने बैठक में कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण के जरिये सभी योजनाओं के बारे में बताया।
खाद्य मंत्री ने बैठक में कस्टम मिलिंग से चावल उपार्जन व्यवस्था की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप चावल उपार्जन में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। श्री अकबर ने बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, समर्थन मूल्य धान खरीदी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, नापतौल तथा उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित कार्यो का विस्तार से व्यौरा लिया। श्री अकबर ने दाल-भात केन्द्रों में हितग्राहियों के संख्या के आधार पर जरूरी राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
श्री अकबर ने प्रदेश सरकार के जन घोषणा पत्र में शामिल खाद्य विभाग से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि जन घोषणा पत्र के अनुसार सभी हितग्राहियों को चावल उपलब्ध कराने कार्ययोजना बनायी जाए। इसके क्रियान्वयन के लिए सभी जरूरी तैयारियों कर ली जाए। खाद्य मंत्री ने मक्का खरीदी तथा जनजातीय क्षेत्रों में रागी, कोदो और कुटकी खरीदी व्यवस्था के बारे में भी अधिकारियों से पूछा। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कुल 12 हजार 300 उचित मूल्य की दुकानें संचालित की जा रही हैं। इनमें से चार हजार 135 दुकानें ग्राम पंचायतों, चार हजार 451 दुकानें सहकारी समितियों, तीन हजार 543 दुकानें महिला स्व-सहायता समूहों, 144 दुकानें वन सुरक्षा समितियों तथा 27 दुकानें नगरीय निकायों द्वारा चलायी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के नक्सल हिंसा पीड़ित बीजापुर तथा सुकमा जिले की 130 केन्द्रीकृत उचित मूल्य दुकानों को छोड़कर शेष सभी ग्राम पंचायतों में राशन दुकानें संचालित की जा रही है। प्रदेश में छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के 57 लाख 99 हजार 779 राशन कार्ड जारी किए गए हैं।
जिला खाद्य अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के दिए निर्देश
खाद्य मंत्री श्री अकबर ने बैठक में बेमेतरा के खाद्य अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए शिकायतों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले दिनों अपने बेमेतरा प्रवास के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में मिली कुछ शिकायतों पर नाराजगी जाहिर की।
खाद्य मंत्री ने राज्य सरकार के घोषणा पत्र में शामिल विभाग से संबंधित बिन्दुओं के क्रियान्वयन के लिए की गयी प्रारंभिक विभागीय तैयारियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि अधिकारियों द्वारा कार्ययोजना भी तैयार कर ली गयी है। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग के कार्य गरीब परिवारों के हितों से जुड़े हैं। विभाग के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का फायदा जरूरतमंद परिवारों तक सुगमता से पहुंचाने के लिए और अधिक तत्परता तथा गंभीरता से कार्य करना चाहिए। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक पी. अन्बलगन, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री भोस्कर विलास संदीपन, संचालक खाद्य भुवनेश यादव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक जन्मेजय महोबे, अपेक्स बैंक के एमडी नागदेव, नियंत्रक नापतौल अजय पाठक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।